हेल्थ

शरीर को कमजोर और हड्डियों को खोखला बनाता है इस सफेद रंग के बर्तन में पका खाना! जानें किस धातु के बर्तनों में बना खाना है हेल्दी

भारत के बहुत से घरों में खाना पकाने के लिए एल्युमिनियम के बर्तनों का इस्तेमाल किया जाता है। जिसका कारण है कि ये बर्तन अन्य बर्तनों की तुलना में काफी सस्ते होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये आपकी सेहत को भारी नुकसान भी पहुंचाते हैं। जी हां, आज हम आपको एल्युमीनियम के बर्तनों के नुकसान बताने जा रहे हैं।

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side effects of aluminim utensils

Photo : iStock

हेल्दी रहने के लिए जरूरी है कि न केवल आप हेल्दी खाना खाएं बल्कि उसे पकाने का तरीका भी हेल्दी होना चाहिए। जी हां खाना पकाने के लिए प्रयोग की जाने वाली धातुओं का हमारे स्वास्थ्य पर भारी असर पड़ता है। यदि आप खाने को गलत धातु में पकाते हैं तो इसका असर आपकी सेहत पर आपको तेजी से महसूस होता है। जैसे प्लास्टिक के बर्तनों में रखा खाना खतरनाक होता है बैसे ही एल्युमीनियम के बर्तनों में पका खाना भी बेहद खतरनाक होता है। आइए जानते हैं कौन सी धातु में खाना पकाना सबसे अच्छा माना जाता है।

क्यों खतरनाक है एल्युमीनियम के बर्तनों में पका खाना?

घरों में एल्युमीनियम के बर्तनों का इस्तेमाल अक्सर इसलिए किया जाता है, क्योंकि ये हीट के अच्छे कंडक्टर होते हैं। यही कारण कि इनमें खाना अन्य बर्तनों की अपेक्षा जल्दी पक जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये बर्तन एल्यूमीनियम बॉक्साइट के बने होते हैं। जो हमारे खाने से आयरन और कैल्शियम जैसे तत्वों को सोख लेता है। यही कारण है कि एल्युमीनियम के बर्तनों में पका खाना खाने से हमारी हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।

पीतल के बर्तन

खाना पकाने के लिए पीतल के बर्तन को अच्छा माना जाता है। क्योंकि पीतल के बर्तनों में बने भोजन में जिंक की मात्रा बढ़ जाती है, जो हमारे शरीर में खून की मात्रा बढ़ाने में कारगर साबित होता है। यही कारण है कि पहले हमारे यहां पीतल के बर्तनों का इस्तेमाल खाना बनाने और पकाने दोनों तरह से किया जाता था।

लोहे के बर्तन

इसके अलावा लोहे से बने बर्तनों में भी खाना बनाना हेल्दी माना जाता है। लोहे के बर्तनों में आप किसी भी तरह का खाना बना सकते हैं। क्योंकि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। इसके अलावा यह खाने में आयरन की मात्रा को बढ़ाता है, जिससे यह हमारी सेहत के लिए भी लाभदायक है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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