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बार-बार करते हैं फोन चेक? तो हो चुके हैं इस ब्रेन डिसऑर्डर के शिकार, जाने इससे बचाव के आसान उपाय

Popcorn Brain : बार-बार फोन चेक करने की आदत आपको इस गंभीर बीमारी का मरीज बना सकती है। ऐसे में यदि आपको भी बार-बार फोन चेक करने की आदत है, तो आप इस ब्रेन डिसऑर्डर के शिकार हो सकते हैं। आइए जानते हैं क्या है ये रोग और कैसे करें बचाव?

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popcorn brain disorders

Photo : iStock

आज तकनीक के युग में हमारा अधिकांश समय इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के बीच में ही गुजरता है। स्मार्टफोन हो या लैपटॉप सभी में सूचनाओं की बौछार लगी रहती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बार-बार इन इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को चेक करने की आपकी आदत आपको एक ब्रेन डिसऑर्डर का शिकार बना सकती है। एक्सपर्ट्स ने बताया कि इस डिजिटल दुनिया में 'पॉपकॉर्न ब्रेन' नाम की एक नई बीमारी तेजी से सामने आ रही है। आइए जानते हैं क्या है ये रोग और कैसे करें इससे बचाव?

क्या है पॉपकॉर्न ब्रेन? - What is Popcorn Brain

यह एक मानसिक डिसऑर्डर है, जिसमें हमारे दिमाग की स्थिति कमजोर होने लगती है। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति लंबे समय तक किसी भी चीज पर फोकस नहीं कर पाता है। इसका कारण लगातार इंफॉर्मेशन को इंटेक करना होता है। इस रोग में हमारा दिमाग थोड़ी-थोड़ी देर में एक जगह से दूसरी जगह भागता रहता है। जिससे हमारा फोकस काफी खराब हो जाता है।

पॉपकॉर्न ब्रेन रोग के लक्षण - Symptoms of Popcorn Brain

  • किसी भी काम पर फोकस न कर पाना।
  • बहुत जल्दी विचलित हो जाना।
  • किसी काम से अपना नियंत्रण आसानी से खो देना।
  • जरूरी कामों को बार-बार भूल जाना।
  • बहुत अधिक उलझन में रहना।

कैसे करें बचाव - How To Prevent Popcorn Brain

  1. आपको अपने स्क्रीन टाइम को कम करने की जरूरत है। इसे आप दिन में 6 घंटे से ज्यादा न होने दें।
  2. शॉर्ट वीडियो जैसे रील्स आदि देखना बंद करें यह आपके ध्यान को काफी कमजोर कर देते हैं।
  3. रात में सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल को खुद से दूर कर दें। यह आपको काफी मदद करेगा।
  4. काम करते समय मोबाइल के नोटिफिकेशन अलर्ट को साइलेंट रखें, जिससे बार-बार मोबाइल देखने से बचा जा सके।
  5. सोशल मीडिया के उपयोग को कंट्रोल करें यह आपको गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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