क्या है Leg Overgrowth Disorder, जिसमें एक पैर रह जाता है छोटा, दूसरा हो जाता है बड़ा
- Authored by: Vineet
- Updated Dec 22, 2025, 03:27 PM IST
Leg Overgrowth Disorder In Hindi: क्या आपने कभी लेग ओवरग्रोथ डिसऑर्डर (Leg Overgrowth Disorder) के बारे में सुना है? यह एक दुर्लभ बीमारी है, जिसमें शरीर का एक पैर असामान्य रूप से बड़ा हो जाता है, जबकि दूसरा सामान्य या छोटा रह जाता है। हाल ही में एक 14 साल की किशोरी के मामले ने इसका सच दुनिया के सामने रखा, जहां पैर का आकार बढ़ने के कारण 17 घंटे चली सर्जरी में पैर अम्प्यूट करना पड़ा।। जानिए इस बीमारी के बारे में सबकुछ...
क्या है लेग ओवरग्रोथ डिसऑर्डर (PC- AI)
Leg Overgrowth Disorder In Hindi: कभी-कभी शरीर हमें ऐसे संकेत देता है, जिन्हें शुरुआत में हम मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन वही संकेत आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकते हैं। लेग ओवरग्रोथ डिसऑर्डर (Leg Overgrowth Disorder) भी कुछ ऐसी ही दुर्लभ बीमारी है, जिसमें धीरे-धीरे शरीर का एक पैर जरूरत से ज्यादा बढ़ने लगता है और दूसरा सामान्य या छोटा रह जाता है। हाल ही में एक किशोरी से जुड़ा मामला सामने आया, जिसने लोगों को इस बीमारी के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया। यह कहानी सिर्फ एक मरीज की नहीं, बल्कि समय पर पहचान और इलाज की अहमियत को भी दिखाती है।
क्या है लेग ओवरग्रोथ डिसऑर्डर
लेग ओवरग्रोथ डिसऑर्डर एक रेयर मेडिकल कंडीशन है, जिसमें शरीर के किसी एक हिस्से, खासतौर पर पैर की हड्डियां और टिश्यू सामान्य से ज्यादा तेजी से बढ़ने लगते हैं। इस वजह से दोनों पैरों के आकार और लंबाई में साफ फर्क नजर आने लगता है। यह समस्या जन्म से भी हो सकती है और कुछ मामलों में बचपन के दौरान धीरे-धीरे सामने आती है।
मामला जिसने सबका ध्यान खींचा
अमेरिका के फ्लोरिडा में रहने वाली 14 साल की जैस्मिन रामिरेज नाम की लड़की के मामले ने इस बीमारी को दुनिया भर में सुर्खियों में ला दिया। बचपन से ही उसकी बाईं टांग बाकी हिस्सों की तुलना में तेजी से बढ़ने लगी और उसका वजन इतनी तेजी से बढ़ा कि वह व्हीलचेयर पर निर्भर हो गई। जब पैर में जानलेवा संक्रमण हो गया, तब डॉक्टरों ने करीब 17 घंटे चली सर्जरी में उसका पैर काटने का फैसला लिया। उस एक ही पैर का वजन लगभग 78 किलो तक पहुंच गया था।
कैसे दिखने लगते हैं इसके लक्षण
इस बीमारी का सबसे बड़ा लक्षण है दोनों पैरों में साफ असमानता। एक पैर मोटा, भारी और लंबा होने लगता है, जबकि दूसरा सामान्य रहता है। चलने में परेशानी, दर्द, संतुलन बिगड़ना और रोजमर्रा के कामों में दिक्कत होना आम बात है। कई बार स्कूली बच्चों में इसे सिर्फ ग्रोथ का हिस्सा मान लिया जाता है, जिससे सही समय पर इलाज नहीं हो पाता।
क्यों बढ़ जाती है हालत गंभीर
अगर लेग ओवरग्रोथ डिसऑर्डर का समय पर इलाज न हो, तो पैर का बढ़ता वजन नसों, मांसपेशियों और हड्डियों पर दबाव डालने लगता है। इससे दर्द असहनीय हो सकता है और चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है। कुछ गंभीर मामलों में संक्रमण और दूसरी जटिलताएं भी सामने आ सकती हैं, जिससे डॉक्टरों को सर्जरी जैसा बड़ा फैसला लेना पड़ता है।
इलाज के क्या हैं विकल्प
इस बीमारी का इलाज उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। शुरुआती स्तर पर दवाओं, फिजियोथेरेपी और नियमित निगरानी से स्थिति को संभाला जा सकता है। लेकिन जब पैर का बढ़ना बहुत ज्यादा हो जाए और मरीज की जिंदगी पर असर डालने लगे, तो सर्जरी ही आखिरी विकल्प बचता है। हालिया मामले में भी डॉक्टरों ने मरीज की जान और भविष्य को देखते हुए सर्जिकल कदम उठाया।
शरीर में किसी भी तरह की असामान्य ग्रोथ या बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। बच्चों में अगर पैरों या हाथों के आकार में फर्क दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी जरूरी है। सही समय पर पहचान और इलाज न सिर्फ परेशानी कम करता है, बल्कि जिंदगी को बड़े फैसलों से भी बचा सकता है।