हाल ही में अमेरिका से सामने आ रही खबरों की मानें तो वहां एक जानलेवा फंगल इंफेक्शन का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। अमेरिका के फ्लोरिडा, लुइसियाना, टेक्सास, जॉर्जिया और कैलिफोर्निया प्रांतों में इसके कई मामले सामने आए हैं। इसके अलावा बड़े अमेरिका शहर जैसे न्यूयॉर्क, ह्यूस्टन और लॉस एंजिल्स में भी संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा है। एस्परगिलस फ्यूमिगेटस नाम का ये फंगस काफी खतरनाक है, जो हवा के माध्यम से लोगों के बीच फैलता है। शुरुआत में ये अपना शिकार हमारे फेफड़ों को बनाता है, फिर पूरे शरीर को अपनी चपेट में ले लेता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
क्या है एस्परगिलस फ्यूमिगेटस?
आपको बता दें कि एस्परगिलस फ्यूमिगेटस एक प्रकार का फंगस है। जो हवा के माध्यम से लोगों के बीच फैलता है। एस्परगिलस फ्यूमिगेटस संक्रमण के बाद कोनिडिया नाम के सूक्ष्म बीजाणु छोड़ता है। जो हमारे शरीर में गंभीर संक्रमण की वजह बन जाते हैं। इस फंगल इंफेक्शन से पीड़ित होने पर खांसी, सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द जैसे श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसके अलावा बुखार भी इसका एक प्रमुख लक्षण है।
संक्रमण का खतरा
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की माने तो लंग कैंसर या अस्थमा के मरीजों को एस्परगिलस फ्यूमिगेटस के संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इनके अलावा एचआईवी के मरीज भी इसके आसान शिकार होते हैं, क्योंकि इनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। इसके साथ ही सफेद रक्त कोशिकाओं की कमी वाले लोग भी इस फंगल इंफेक्शन के ज्यादा शिकार होते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो इस फंगस को पनपने के लिए 37 डिग्री सेल्सियस का तापमान सबसे अनुकूल होता है। इसके अलावा नमी के साथ इसके बढ़ने की रफ्तार दोगुनी हो जाती है।
कैसे करें बचाव?
एस्परगिलस फ्यूमिगेटस नाम के फंगस से अपना बचाव करने के लिए जरूरी है कि खुद का अधिक ध्यान रखें। इसके लिए घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाएं, मिट्टी के काम से दूर रहें, अपने आसपास सफाई रखें और इम्यूनिटी को बूस्ट करने के उपाय करें।
