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वेट लॉस के लिए सेलिब्रिटीज में पॉपुलर हो रही Anti Inflammatory Diet, पतली कमर पाने में ऐसे करती है मदद, देखें एंटी-इन्फ्लेमेटरी डाइट प्लान

What Is Anti inflammatory diet In Hindi: वजन घटाने के लिए आजकल लोगों के बीच एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट काफी पॉपुलर हो रही है। यहां तक कि सेलिब्रिटीज भी इस डाइट को फॉलो करके वजन मेंटेन रखने की कोशिश करते हैं। इस डाइट की मदद से कई सेलिब्रिटीज ने भी अपना वेट लॉस किया है। यहां जानें क्या होती है एंटी इंफ्लेमेटरी डाइट और यह वजन घटाने में कैसे मदद करती है।

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What Is Anti inflammatory diet In Hindi

What Is Anti inflammatory diet In Hindi: वेट लॉस के लिए आपने अक्सर देखा होगा कि लोग तरह-तरह की डाइट फॉलो करते हैं। आजकल लोगों में एंटी इंफ्लेमेटरी डाइट का ट्रेंड भी काफी तेजी से बढ़ रहा है। बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज भी इस डाइट को फॉलो कर रहे हैं। हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस ने भी अच्छा खासा वेट लॉस किया है। एक्ट्रेस ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने भी वेट लॉस के लिए एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट को फॉलो किया था। ऐसे में अब लोगों के मन में इस डाइट को लेकर तरह-तरह के सवाल आ रहे हैं। इसको लेकर लोग इंटरनेट पर काफी सर्च कर रहे हैं। एंटी इंफ्लेमेटरी डाइट क्या है और यह वेट लॉस में कैसे मदद करती है, इसमें किस तरह के फूड्स शामिल करें, इस तरह के सवालों से इंटरनेट भरा हुआ है। आपके इन सवालों का जवाब हेल्थ इन्फ्लूएंसर और डायटीशियन डॉ. शिखा सिंह ने सोशल मीडिया पर दिया है। इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं...

इन्फ्लेमेशन की वजह से कैसे वजन बढ़ता है - How Does Inflammation Cause Weight Gain In Hindi

जब हमारी डाइट में वेट लॉस में जंक और प्रोसेस्ड फूड्स, चीनी और मिठाई आदि की मात्रा अधिक होती है, बहुत शराब पीते हैं या स्मोकिंग करते हैं, जीवन में तनाव अधिक है और नींद ठीक से नहीं आती है, शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है, तो ये सभी कारण शरीर में सूजन या इन्फ्लेमेशन को बढ़ाने में योगदान देते हैं। इसकी वजह से शरीर में एक साइटोकिन नामक केमिकल रिलीज होता है। यह साइटोकिन केमिकल हमारे शरीर के महत्वपूर्ण हार्मोन के संतुलन को बिगाड़ने में योगदान देते हैं। पहला इंसुलिन और दूसरा लेप्टिन।

इंसुलिन का प्रमुख काम हमारे शरीर में ब्लड शुगर को मैनेज करना है। लेकिन इसका असंतुलन की वजह से यह कार्य ठीक से नहीं हो पाता है। वहीं, लेप्टिन हार्मोन का मुख्य कार्य हमारी भूख को कंट्रोल करना है। इस हार्मोन का संतुलन बिगड़ने की वजह से हम ओवरईटिंग करते हैं। इन दोनों ही हार्मोन्स को असंतुलन की वजह से शरीर में फैट जमा होने लगता है और हमारा वजन तेजी से बढ़ता है।

एंटी इंफ्लेमेटरी डाइट वेट लॉस में कैसे मदद करती है - How Does Anti Inflammatory Diet In Weight Loss In Hindi

जैसा कि नाम से ही पता चलता है एंटी इंफ्लेमेटरी डाइट की मदद से शरीर में सूजन को कम करने और इससे बचाव में मदद मिलती है। इससे शरीर में हार्मोन का संतुलन बेहतर होता है। यह तनाव को कम करती है, शुगर को मैनेज करने और भूख को कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। इस तरह यह वजन को बढ़ने से रोकने और वेट कंट्रोल रखने में मदद करती है।

वेट लॉस के लिए एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट प्लान - Anti Inflammatory Diet Plan For Weight Loss In Hindi

सुबह खाली पेट: इस दौरान हल्दी की चाय के साथ 2 भीगे हुए अखरोट का सेवन करें।

नाश्ता: इस दौरान आप मल्टीग्रेन मिलेट रोटी के साथ हरी सब्जियां और खाने के बाद एक कप ग्रीन टी ले सकते हैं।

मिड मॉर्निंग: इस दौरान आप 1 सेब या संतरा ले सकते हैं।

दोपहर का खाना: लंच में आप मूंग दाल का सलाद ले सकते हैं, जिसमें हल्की पकी हुई सब्जियां भी हों।

शाम के स्नैक: इस दौरान आप एक कप ब्लैक कॉफी के साथ मुठ्ठी भर भुने हुए चने खा सकते हैं।

डिनर: रात के खाने में आप टमाटर का सूप और साथ में कम चर्बी वाला पनीर या टोफू ले सकते हैं।

नाइट ड्रिंक: रात में सोने से पहले आप 1 कप अजवाइन की चाय बनाकर पी सकते हैं।

इस तरह की डाइट फॉलो करके आप आसानी से वेट लॉस कर सकते हैं। जिन लोगों का वजन बढ़ने का कारण शरीर की सूजन है, ऐसे लोगों के लिए यह डाइट रामबाण साबित हो सकती है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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