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सर्दियों में ठंडा फर्श और सेहत का क्या है कनेक्शन, नंगे पैर चलने से कैसे पड़ता है पाचन और ब्लड सर्कुलेश पर असर

  • Authored by: Vineet
  • Updated Dec 14, 2025, 09:55 AM IST

Walking On Cold Floor In Winter Health Risks: सर्दियों में ठंडे फर्श पर नंगे पैर चलना सिर्फ सर्दी लगने का कारण नहीं बनता, बल्कि इसका सीधा असर पाचन, ब्लड सर्कुलेशन और शरीर की एनर्जी पर भी पड़ सकता है। यह आर्टिकल बताता है कि ठंडा फर्श शरीर के अंदर क्या बदलाव करता है, किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए और सर्दियों में पैरों को गर्म रखना क्यों जरूरी है।

ठंडा फर्श और ब्लड सर्कुलेशन का रिश्ता

ठंडा फर्श और ब्लड सर्कुलेशन का रिश्ता

Walking On Cold Floor In Winter Health Risks: सर्दियों में सुबह उठते ही ठंडे फर्श पर पैर रखते ही जो झुरझुरी दौड़ती है, वो हम सबने महसूस की है। कई लोग इसे मामूली बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह आदत धीरे-धीरे शरीर पर असर डाल सकती है। ठंडा फर्श सिर्फ पैरों को ठंडा नहीं करता, बल्कि इसका प्रभाव ब्लड सर्कुलेशन, पाचन तंत्र और शरीर की एनर्जी पर भी पड़ता है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीपी या पाचन से जुड़ी समस्या वाले लोगों को इससे ज्यादा नुकसान हो सकता है।

ठंडा फर्श और ब्लड सर्कुलेशन का रिश्ता

जब आप सर्दियों में ठंडे फर्श पर नंगे पैर चलते हैं, तो शरीर तुरंत खुद को ठंड से बचाने की कोशिश करता है। इस प्रक्रिया में पैरों की ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं। इससे पैरों तक खून का प्रवाह धीमा हो सकता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर शरीर में ब्लड सर्कुलेशन असंतुलित हो सकता है, जिससे हाथ-पैर सुन्न होना या ठंड ज्यादा लगना जैसी दिक्कतें सामने आती हैं।

पाचन तंत्र पर क्यों पड़ता है असर

ठंड सीधे तौर पर हमारे पाचन से जुड़ी नसों को भी प्रभावित करती है। ठंडे फर्श के संपर्क में आने से शरीर का तापमान थोड़ा गिरता है, जिसका असर डाइजेस्टिव फायर यानी पाचन शक्ति पर पड़ सकता है। यही वजह है कि सर्दियों में कई लोगों को गैस, अपच या पेट भारी रहने की शिकायत ज्यादा होती है।

शरीर की एनर्जी क्यों होने लगती है कम

जब शरीर ठंड से लड़ने में ज्यादा एनर्जी खर्च करता है, तो दिनभर थकान महसूस होना स्वाभाविक है। ठंडे फर्श पर नंगे पैर चलने से शरीर को खुद को गर्म रखने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इसका नतीजा यह होता है कि आपको बिना ज्यादा काम किए भी सुस्ती और कमजोरी महसूस हो सकती है।

बुजुर्गों और बच्चों के लिए ज्यादा जोखिम

बुजुर्गों का ब्लड सर्कुलेशन पहले से ही कमजोर हो सकता है, वहीं बच्चों का इम्यून सिस्टम पूरी तरह विकसित नहीं होता। ऐसे में ठंडा फर्श इनके लिए ज्यादा नुकसानदेह साबित हो सकता है। जोड़ों में दर्द, सर्दी-जुकाम और पेट से जुड़ी समस्याएं इन उम्र वर्गों में जल्दी उभर सकती हैं।

सर्दियों में पैरों को गर्म रखना क्यों जरूरी

हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सर्दियों में मोजे या चप्पल पहनकर चलना एक छोटी लेकिन असरदार आदत है। इससे पैरों का तापमान संतुलित रहता है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बना रहता है और पाचन तंत्र पर भी नकारात्मक असर नहीं पड़ता। घर के अंदर भी फर्श से सीधे संपर्क से बचना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।

सर्दियों में ठंडा फर्श कोई छोटी बात नहीं है। यह आदत धीरे-धीरे ब्लड सर्कुलेशन, पाचन और शरीर की एनर्जी को प्रभावित कर सकती है। इसलिए बेहतर यही है कि ठंड के मौसम में पैरों को ढककर रखें और इस छोटे से बदलाव के जरिए बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से खुद को बचाएं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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