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देर रात तक मोबाइल चलाने की है लत? तो हो सकते हैं इस गंभीर बीमारी के शिकार, जानें क्या कहती हैं ICMR की रिपोर्ट

Side effects of using mobile at night: यदि आप भी रात में देर तक मोबाइल चलाने के शौकीन हैं और आप सोने से पहले घंटों तक मोबाइल में लगे रहे हैं। तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। रात में मोबाइल चलाने की लत आपको डायबिटीज का शिकार बना सकती है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से..

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Side effects of using mobile late night

Photo : iStock

खानपान और लाइफस्टाइल का बदलाव हमारे जीवन में कई तरह के रोगों का कारण बन रहा है। ऐसा ही एक रोग है डायबिटीज जो आज बड़ी संख्या में लोगों को परेशान कर रहा है। क्या आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो रात में देर तक मोबाइल चलाने के आदी होते हैं। यदि हां तो आपकी ये आदत आपकी सेहत पर काफी भारी पड़ सकती है। जी हां हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो डायबिटीज के मरीजों को कम से कम 8 घंटे की नींद लेना बेहद जरूरी होता है। लेकिन जब आप देर रात तक मोबाइल चलाते हैं, तो इससे आपकी नींद पूरी नहीं हो पाती है। जो आपको तनाव, थकान, चिड़चिड़ापन और डायबिटीज जैसी समस्या का कारण बन सकती है।

कैसे नींद की कमी बनती है डायबिटीज की वजह?

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो 6-8 घंटे की नींद सभी के लिए जरूरी होती है। क्योंकि इस नींद के समय में हमारा शरीर खुद को हील करता है। वहीं जब हम नींद भरपूर मात्रा में नहीं लेते हैं तो इसका असर हमारे शरीर पर दिखाई देता है। नींद की कमी के कारण हमारे शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन की अधिकता होने लगती है। जो हमारे शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध की वजह बनता है।

क्या कही है ICMR की रिपोर्ट?

ICMR की एक रिसर्च के मुताबिक साल 2019 में देश में कुल 70 मिलियन लोग शुगर की बीमारी से पीड़ित थे। वहीं ये आंकड़ा साल अब बढ़कर 100 मिलियन को पार कर चुका है। वहीं बात करें शहरी क्षेत्रों की तो वहां स्थिति सबसे ज्यादा खराब है।

रात में जल्दी सोने के उपाय

  • सबसे पहले तो सुबह जल्दी उठने की आदत बना लें।
  • अपने डेली रूटीन में 40 मिनट का व्यायाम जरूर शामिल करें।
  • हेल्दी खान पान रखें और रात में 8 बजे से पहले डिनर कर लें।
  • रात में सोने से पहले टीवी, मोबाइल, लैपटॉप आदि गैजेट से दूर रहें।
gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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