Thyroid Can Increase Heart Disease Risk: जब किसी को दिल की बीमारी होती है, तो ज़्यादातर लोग ब्लड प्रेशर, शुगर या कोलेस्ट्रॉल को वजह मानते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एक छोटा-सा थायरॉइड ग्लैंड भी आपके दिल की सेहत पर बहुत गहरा असर डालता है। हर साल लाखों लोग हार्ट अटैक का शिकार होते हैं और उनमें से कई मामलों में असली कारण थायरॉइड का असंतुलन होता है, जो समय पर पकड़ में नहीं आता।
थायराइड और हृदय रोगों के बीच क्या संबंध है, इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद के इंटरनल मेडिसिन विभाग में सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मोहित शर्मा से बात की। उन्होंने हमें बताया कि कैसे थायरॉइड हार्मोन (T3 और T4) दिल की धड़कन, बीपी और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करते हैं। अगर ये हार्मोन बिगड़ जाएं, तो दिल पर धीरे-धीरे असर पड़ने लगता है, जो आगे चलकर जानलेवा बन सकता है। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...
दिल और थायरॉइड का है गहरा रिश्ता - Connection Between Heart Disease And Thyroid
आप सोच रहे होंगे कि थायरॉइड तो गले में होता है, फिर इसका दिल से क्या लेना-देना? डॉ. मोहित शर्मा बताते हैं कि थायरॉइड से निकलने वाले हार्मोन (T3 और T4) हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करते हैं, और यही हार्मोन दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को भी बैलेंस में रखते हैं।
अगर ये हार्मोन कम या ज्यादा हो जाएं, तो दिल पर सीधा असर पड़ता है जैसे धड़कन तेज हो सकती है या फिर ब्लॉकेज का खतरा बढ़ सकता है।

Connection Between Heart Disease And Thyroid
हाइपरथायरॉइडिज़्म दिल पर क्या असर डालता है - Hyperthyroidism Affect On Heart Health In Hindi
यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें थायराइड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाती है। अगर थायरॉइड हार्मोन ज्यादा बनने लगें, तो उसे हाइपरथायरॉइडिज़्म कहते हैं। इसमें दिल की धड़कन बहुत तेज हो जाती है।
- कुछ लोगों को लगता है कि दिल बिना वजह धड़क रहा है।
- आट्रियल फाइब्रिलेशन(A-Fib) जैसी स्थिति बन सकती है, जो जानलेवा है।
- घबराहट, बेचैनी और सांस फूलना जैसे लक्षण दिखते हैं।
डॉ. शर्मा बताते हैं कि अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो ये लगातार चलने वाली दिल की बीमारी में बदल सकता है।
हाइपोथायरॉइडिज़्म का दिल पर क्या असर पड़ता है - Hypothyroidism Affect On Heart Health In Hindi
इस स्थिति में थायरॉइड हार्मोन की मात्रा कम हो जाती है। इसमें थायराइड ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन नहीं बनाती है। इसका असर दिल पर बहुत धीरे-धीरे होता है, लेकिन नुकसान गहरा होता है।
- शरीर में LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) बढ़ जाता है।
- धीरे-धीरे नसों में ब्लॉकेज बनने लगता है।
- इससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
डॉ. शर्मा बताते हैं कि 30% से ज्यादा थायरॉइड मरीजों में कार्डियक रिस्क फैक्टर भी पाए गए हैं। यानी अगर थायरॉइड है, तो दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
थायरॉइड की वजह से मेंटल हेल्थ भी बिगड़ती है
बहुत से लोग ये नहीं जानते कि थायरॉइड सिर्फ फिजिकल ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है। खासकर हाइपोथायरॉइडिज़्म में,
- 40% लोगों को डिप्रेशन और नींद की समस्या होती है।
- नींद न आने और स्ट्रेस की वजह से दिल पर और ज्यादा दबाव पड़ता है।
- चिड़चिड़ापन, थकान और मूड स्विंग भी इसके लक्षण हो सकते हैं।
डॉ. शर्मा के अनुसार, “थायरॉइड को नजरअंदाज करना मतलब दिल की सेहत को खतरे में डालना।”

How Thyroid Affect Heart Health In Hindi
थायरॉइड टेस्ट को बनाएं अपनी हेल्थ रूटीन का हिस्सा - Important Test For Thyroid Disease In Hindi
कई लोग शुगर और बीपी की जांच तो हर महीने करते हैं, लेकिन थायरॉइड की जांच सालों तक नहीं करवाते। यही सबसे बड़ी गलती होती है। अगर आपकी उम्र 30 साल से ज्यादा है और आप थकान, सांस फूलना, या हार्ट रेट में बदलाव महसूस कर रहे हैं तो TSH, T3 और T4 टेस्ट जरूर करवाएं। यह टेस्ट सिंपल और सस्ता है, लेकिन इससे बड़ी बीमारी को समय रहते पकड़ा जा सकता है।
डॉ. शर्मा कहते हैं, “थायरॉइड का इलाज न करना, दिल पर एक धीमा लेकिन खतरनाक हमला है।”
छोटी बीमारी बड़ा असर
थायरॉइड एक छोटा-सा ग्लैंड है, लेकिन इसकी गड़बड़ी शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करती है, खासतौर पर दिल को। इसलिए अगर आप थायरॉइड से जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस करते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें।
थायरॉइड डे के मौके पर खुद से यह वादा करें कि आप सिर्फ शुगर और बीपी ही नहीं, थायरॉइड की भी नियमित जांच कराएंगे। क्योंकि सेहत की सबसे बड़ी कुंजी है-समय रहते सही जानकारी और सही कदम।
