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Autistic pride day 2024: बच्चे में दिख रहे ये लक्षण ऑटिज्म के हैं संकेत, जानें ऐसे Special Child का कैसे रखें ख्याल

Autism in Child: 18 जून को Autistic pride day दुनिया भर में मनाया जाता है। यह दिन ऑटिज्म रोग से पीड़ित लोगों के लिए मनाया जाता है। ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों में कुछ खास तरह के लक्षण दिखाई देते हैं।आइए जानते हैं बच्चों में दिखने वाले ऑटिज्म के लक्षण और उनका ख्याल रखने के टिप्स।

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Photo : iStock

Autistic pride day साल के जून माह की 18 तारीख को मनाया जाता है। जिसे मनाने का कारण ऑटिज्म से पीड़ित लोगों को किसी भी तरह के भेदभाव से बचाना है। कुछ ऐसे रोग होते हैं जो बच्चे जन्म के साथ ही लेकर पैदा होते हैं। उनमें से ही एक रोग है ऑटिज्म, जिसे समझना काफी मुश्किल काम है। लेकिन आज हम आपको बच्चों में दिखने वाले कुछ लक्षण बताने जा रहे हैं। जो ऑटिज्म के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। इसके साथ ही आपको ये भी जानना चाहिए कि ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों का कैसे ख्याल रखना चाहिए।

क्या है ऑटिज्म? (What is Autism?)

ऑटिज्म एक दिमागी डिसऑर्डर है, जो किसी व्यक्ति के व्यवहार और और शरीर की बनावट को भी प्रभावित कर सकता है। ऑटिज्म के लक्षण शुरुआत से ही देखने को मिल जाते हैं, लेकिन कुछ बच्चों में यह काफी देर से नजर आते हैं। आइए जानते हैं ऑटिज्म के कुछ लक्षण जो अक्सर बच्चों में जन्म के कुछ महीने बाद ही दिखाई देने लगते हैं।

ऑटिज्म के लक्षण (Symptoms of Autism)

  1. अपना नाम सुनने के बाद भी कोई रिएक्ट न करना।
  2. दूसरे बच्चों के साथ मेलजोल न बढ़ाना, हमेशा अकेले रहना।
  3. बोलने में देरी होना, या जीभ को उठाने में कठिनाई।
  4. बिना किसी बात का मतलब समझे,एक ही बात को बार-बार दोहराना।
  5. हमेशा अकेले और चुपचाप घंटों तक बैठे रहना।
  6. शरीर के अंगों का ठीक से विकास न होना।

ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे का ख्याल कैसे रखें

ऐसे बच्चे की दिनचर्या को आप फिक्स करने की कोशिश करें। जिसमें उसके खाने, खेलने और सोने का समय शामिल हो।

ऐसे बच्चों को किसी बात को समझाने के लिए शब्दों की अपेक्षा चित्रों का प्रयोग करें।

ऐसे बच्चों को बोलना सिखाने के लिए आपको हल्के-फुल्के शब्दों का अभ्यास कराना चाहिए।

इन बच्चों को बहुत देर तक अकेला न रहने दें, इसकी जगह उनके सामाजिक संपर्क को बढ़ाएं।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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