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ONGC ने 3 महीने में किया कमाल, पश्चिम बंगाल की धरती से निकला कच्चा तेल, आयात की मजबूरी होगी कम!

Crude Oil Production: पश्चिम बंगाल के अशोकनगर में ओएनजीसी को उच्च गुणवत्ता वाला कच्चा तेल मिला है। इसे रिफाइनरी भेजा जाने लगा है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और तेल आयात पर निर्भरता घटेगी।

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दुनिया में कच्चे तेल पर संकट के बीच भारत की बाजी: बंगाल की मिट्टी से निकला तेल, हल्दिया रिफाइनरी रवाना (तस्वीर-AI)

Crude Oil Production : पश्चिम बंगाल से देश के लिए एक बहुत ही अच्छी और बड़ी खबर आई है। बंगाल की जमीन के नीचे से कच्चा तेल निकला। जिसे 'काला सोना' भी कहा जाता है। अब देश की भलाई के लिए इस्तेमाल होने जा रहा है। हमारे देश के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि 24 परगना जिले के अशोकनगर में तेल की खोज करने वाली कंपनी 'ओएनजीसी' (ONGC) को बहुत बड़ी सफलता मिली है। अशोकनगर के कुएं से बहुत ही अच्छी क्वालिटी का कच्चा तेल निकाला गया है। इस तेल को ट्रकों में भरकर हल्दिया स्थित 'इंडियन ऑयल' की बड़ी रिफाइनरी (तेल साफ करने वाले कारखाने) में भेजना शुरू कर दिया गया है। यहां से इसे साफ करके पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस जैसी जरूरी चीजें बनाई जाएंगी।

केवल तीन महीने में मिली बहुत बड़ी सफलता

तेल निकालने वाली कंपनी ओएनजीसी ने अशोकनगर के एक खास कुएं (AS-1Z) में 30 मई 2026 को खुदाई का काम शुरू किया था। हैरानी की बात यह है कि तीन महीने पूरे होने से पहले ही कंपनी के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने कुएं से तेल का तेज बहाव चालू कर दिया। पेट्रोलियम मंत्री ने सोशल मीडिया (X) पर देशवासियों को बधाई देते हुए लिखा कि यह खोज भारत के लिए एक बड़ा कदम है। इसका मतलब यह है कि अब हमारे देश के पास अपना और ज्यादा तेल होगा, जिससे हमें दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह काम लंबे समय से चल रहा था, जो अब जाकर सफल हुआ है।

हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया पहला ट्रक

अशोकनगर से जब कच्चे तेल की पहली खेप ट्रकों पर लोड हुई, तो वहां एक छोटे उत्सव जैसा माहौल था। स्थानीय विधायक डॉ. सुमय हीरा और ओएनजीसी के बड़े अधिकारियों ने इस तेल को हल्दिया रिफाइनरी के लिए रवाना किया। कच्चे तेल की यह पहली खेप इसलिए भी खास है क्योंकि इससे यह साबित हो गया है कि बंगाल की जमीन के नीचे सच में बहुत सारा तेल और गैस छिपा हुआ है। अब यहां सिर्फ खोजबीन नहीं होगी, बल्कि असलियत में बड़ी मात्रा में तेल निकाला जाएगा।

दुनिया के माहौल के बीच भारत के लिए राहत की सांस

आजकल दुनिया के कुछ देशों, जैसे ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चल रहा है। जब दुनिया में लड़ाई या झगड़े होते हैं, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने लगती हैं और तेल मिलने में दिक्कत होने लगती है। ऐसे मुश्किल समय में भारत में खुद का तेल मिलना हमारे लिए बहुत बड़ी राहत की बात है। हमारा देश भारत अपनी जरुरत का ज्यादातर तेल बाहर के देशों से खरीदता है। इसमें देश का बहुत सारा पैसा खर्च हो जाता है। लेकिन अशोकनगर जैसी जगहों से तेल मिलने से भारत धीरे-धीरे अपनी जरूरत का तेल खुद बनाने लगेगा। इससे देश के करोड़ों रुपयों की बचत भी होगी।

बंगाल में अब खुलेंगे तरक्की और नए रोजगार के रास्ते

अशोकनगर में तेल मिलने से अब पूरे पश्चिम बंगाल की किस्मत बदल सकती है। भारत के नक्शे पर बंगाल अब एक ऐसी जगह के रूप में जाना जाएगा जहाँ से देश को ईंधन (तेल और गैस) मिलता है। इस सफलता के बाद अब बंगाल के अलग-अलग इलाकों में तेल और गैस की नई खोज तेजी से शुरू की जाएगी। जब नई-नई रिफाइनरी और कंपनियां बनेंगी, तो वहां के युवाओं को नई नौकरियां और काम-धंधे मिलेंगे। इससे बंगाल का विकास होगा और पूरे देश की ऊर्जा जरूरतें आसानी से पूरी हो सकेंगी।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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