Swami Ramdev's Remedies For Arthritis In Hindi: अगर आपके घुटनों से बार-बार आवाज आती है, चलने-फिरने में दर्द होता है, या थोड़ी देर बैठने के बाद उठने में दिक्कत होती है, तो ये गठिया (Arthritis) की शुरुआत हो सकती है। ये एक आम बीमारी है, खासतौर पर 40 की उम्र के बाद, लेकिन सही समय पर ध्यान दिया जाए तो इससे बचा भी जा सकता है। बाबा रामदेव ने इस बीमारी के लिए कुछ ऐसे आसान और घरेलू नुस्खे बताए हैं, जिन्हें अपनाकर आप ना सिर्फ दर्द से राहत पा सकते हैं, बल्कि इस बीमारी को जड़ से खत्म करने की तरफ बढ़ सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे।
खट्टी चीजों से बना लें थोड़ा दूरी
बाबा रामदेव कहते हैं कि गठिया में खट्टी चीजें जैसे दही, छाछ, टमाटर, नींबू और अचार खाने से परहेज करना चाहिए। ये चीजें शरीर में यूरिक एसिड बढ़ा देती हैं, जिससे जोड़ों में दर्द और सूजन बढ़ सकती है। इसलिए ऐसी चीजें खाने से बचें तो ही बेहतर।
कुछ खास चीजें खाने से मिलेगा आराम
गठिया के मरीजों को अपनी डाइट में मेथी दाना (अंकुरित), हल्दी, एलोवेरा जूस और सेंधा नमक को जरूर शामिल करना चाहिए। देसी घी, अजवाइन और हींग भी जोड़ों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। बाजरे और रागी की रोटी खाना भी अच्छा रहता है।
ये योगासन और प्राणायाम करेंगे मदद
अगर आप रोज सुबह कपालभाति, अनुलोम-विलोम और कुछ आसान योगासन जैसे वीरासन, वृक्षासन और उष्ट्रासन करें, तो जोड़ों की जकड़न और सूजन में काफी राहत मिलती है। बाबा रामदेव खुद इन आसनों को गठिया में बहुत असरदार मानते हैं।
आयुर्वेदिक नुस्खे जो दर्द करें दूर
गठिया में पीड़ांतक क्वाथ या निर्गुंडी का रस पीना काफी फायदेमंद होता है। साथ ही हरसिंगार (पारिजात) के पत्तों का काढ़ा या दूध में हल्दी और शहद मिलाकर पीने से भी जोड़ों का दर्द कम होता है।
पोटली और सिकाई से मिलेगा आराम
घुटनों में दर्द हो रहा हो तो अजवाइन और सेंधा नमक की पोटली बनाकर उसे गर्म करके जोड़ों पर सेक करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा और सूजन व दर्द दोनों में राहत मिलेगी।
लाइफस्टाइल में थोड़ा बदलाव ज़रूरी
थोड़ी सी एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाएं। हर दिन थोड़ा चलें-फिरें, वजन कंट्रोल में रखें और ताजे, घर के बने खाने को तरजीह दें। बाबा रामदेव के अनुसार, अगर इन उपायों को रोजाना अपनाया जाए, तो गठिया को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
