हेल्थ

Rapunzel Syndrome: जानलेवा साबित हो सकती है बाल खाने और नाखून चबाने की आदत, इन गंभीर बीमारियों का होता है खतरा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 11, 2022, 10:33 PM IST

Rapunzel syndrome causes and symptoms: बाल निगलना और नाखून चबाने की आदत आपके लिए कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती है। इस बीमारी को रॅपन्जेल भी कहा जाता है। जानिए क्या है रॅपन्जेल नाम की बीमारी। क्या है इसके लक्षण।

Image

Rapunzel Syndrome

KEY HIGHLIGHTS
  • मुंबई के एक अस्पताल में आया अजीब केस
  • लड़की के पेट में होता था तेज दर्द
  • रॅपन्जेल सिंड्रोम की बीमारी से पीड़ित है लड़की

Rapunzel syndrome: मुंबई के एक अस्पताल में डॉक्‍टरों की टीम ने एक बच्‍ची के पेट से रग्बी बॉल के आकार का बालों का गुच्‍छा निकाला । इस बात का जब पता चला जब वह पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंची थीं। दरअसल उसे कुछ दिनों से असहनीय पेट दर्द , उल्टी और दस्त लग रहे थे। वह कुछ भी खाती उसके कुछ देर बाद ही उसे उल्‍टी लग जाती थी। वसई के अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि लड़की को पेट में तेज दर्द के साथ उल्टी, अपच और एसिडिटी की शिकायत थी। उसके माता-पिता उसे एक निजी क्लिनिक में ले गए जहां उसका इलाज किया जा रहा था, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। वह खाने के कुछ ही मिनट बाद उल्टी कर देती थी। फिर उसकी सोनोग्राफी की गई जिसमें पता लगा कि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (जठरांत्रिका) में बालों का एक गुच्छा बना हुआ है।

डॉ. जोसेफ डिसूजा ने बताया कि, 'उसके पेट की जांच करने और सोनोग्राफी रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद, मैंने लड़की के माता-पिता से बात की और पता चला कि उसका पिछले सात-आठ वर्षों से अपने बाल निगलने और नाखून चबाने की आदत है। इसे रॅपन्जेल सिंड्रोम के नाम से जाना जाता है। उन्होंने बताया कि लड़की अभी अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टर के मुताबिक 'वह अक्सर पेट दर्द की शिकायत करती थी, क्योंकि बालों के जमा होने से मांसपेशियां कस जाती थीं जिससे उसे भूख कम लगती थी। चूंकि वह खाना या पेय का सेवन नहीं कर सकती थी, इसलिए उसका वजन भी कम हो गया और वह बहुत पतली हो गई है।'

रॅपन्जेल सिंड्रोम क्या है? (What is Repuzul Syndrome)

यूके के नेश्‍नल ओर्गेनाइजेशन फोर रेयर डिसऑर्डर के अनुसार, 0.5-3 प्रतिशत लोगों में ट्राइकोटिलोमेनिया होता है, जिसे रॅपन्ज़ेल सिंड्रोम के नाम से जाना जाता है। पेनकरयिाज पत्रिका में प्रकाशित 2019 के एक अध्ययन के अनुसार, ऐसे लोगों में से केवल 1 प्रतिशत लोगों के गैस्ट्रोइन्टेस्टनल ट्रैक्ट (जठरांत्रिका) में बालों का विकास होता है। मेयो क्लिनिक का कहना है कि बाल खाने से गंभीर समस्‍याएं हो सकती हैं,इससे आंतों में रुकावट और यहां तक कि मौत भी हो जाती है।

इंग्लैंड में 2017 में 16 वर्षीय लड़की की इस स्थिति से मौत हो गई जब उसके पेट में एक हेयरबॉल की वजह से इंनफेक्‍शन हो गया था।

वेब एमडी के अनुसार, पहली बार 1968 में इस बीमारी का नाम एक फेयरी-टेल कैरेक्टर, रॅपन्जेल के नाम पर रखा गया था , जो अपने लंबे बालों के लिए प्रसिद्ध थी।

यह सिंड्रोम कैसे होता है (Synderome Causes)

इसे ट्राइकोफैगिया के रूप में भी जाना जाता है, रॅपन्जेल सिंड्रोम अक्सर ट्रिकोटिलोमेनिया से जुड़ा होता है। इसमें व्‍यक्ति को खोपड़ी से बालों को बाहर निकालने की इच्छा होती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बाल पेट में मुश्किल से टूटते और पचते हैं और यह आपके पेट की केवेटी में फंस जाते हैं।अगर व्‍यक्ति लगातार बाल खाता रहता है,तो समय के साथ इससे पेट मे बड़ा हेयरबॉल बन सकता है।

Signs of Rapunzel Syndrome रॅपन्जेल सिंड्रोम के लक्षण:

  • पेट दर्द
  • सूजन
  • हमेशा भरा हुआ महसूस करना
  • वजन घटना
  • मतली और उल्टी
  • कम वजन और वजन बढ़ने का डर
  • रिब केज में दर्द
  • बाल झड़ना
  • बदबूदार सांस
इस सिंड्रोम के साथ जुड़ी हैं कई गंभीर बीमारियां :
  • पीलिया
  • पेट में और छोटी आंत में रुकावट
  • पेट में सूजन और पेनक्रियाज में सूजन
  • छोटी आंत में छेद
इस सिंड्रोम में खाना निगलने में भी समस्‍या होने लगती है , डिप्रेश्‍न और चिंता बढ़ जाती है, एनोरेक्सिया और अन्य मानसिक बिमारी जैसे सिज़ोफ्रेनिया, पीटीएसडी, एडीएचडी और भी हो सकती है।

(Disclaimer: इस लेख में उल्लेखित सुझाव केवल सामान्य सूचना उद्देश्यों के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने या अपने आहार में कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।)

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article