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क्या है Aortic Stenosis जिसके चलते अस्पताल में थे प्रेम चोपड़ा, ऐसे होता है इसका इलाज

Prem Chopra Health Update : बॉलीवुड अभिनेता प्रेम चोपड़ा को बीते दिनों Aortic Stenosis (एओर्टिक स्टेनोसिस) नामक दिल की गंभीर के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया। बॉलीवुड एक्टर और प्रेम चोपड़ा के दामाद शमरन जोशी ने आज अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि वह ठीक होकर घर आ गए हैं। आइए जानते हैं, क्या है यह बीमारी, इसके लक्षण और क्या है इलाज?

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किस बीमारी से पीड़ित थे प्रेम चोपड़ा? (Photo - Instagram @prem_chopra_official)

Prem Chopra Health Update : बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता प्रेम चोपड़ा को बीते दिनों दिल की एक गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां चले सफल इलाज के बाद बीते रोज उन्हें डिस्चार्ज करके वापस घर भेज दिया गया। प्रेम चोपड़ा की सेहत की जानकारी उनके दामाद और बॉलीवुड एक्टर शमरन जोशी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की। एओर्टिक स्टेनोसिस नाम की बीमारी के चलते प्रेम चोपड़ा को अस्पताल ले जाया गया था। आइए जानते हैं क्या है ये बीमारी, इसके लक्षण और कैसे होता है इलाज?

ऑर्टिक स्टेनोसिस रोग क्या है?

मेयो क्लीनिक के अनुसार, 'ऑर्टिक स्टेनोसिस' दिल का एक वाल्व डिसऑर्डर है, जिसमें दिल का ऑर्टिक वाल्व सिकुड़ जाता है या पूरी तरह बंद हो जाता है। जिससे ब्लड की पंपिंग में रुकावट आ जाती है। इस बीमारी में धीरे-धीरे वाल्व संकुचित होने लगती हैं, और दिल को ब्लड पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। वहीं जब यह समस्या खतरनाक स्तर पर पहुंच जाती है, तो इसके परिणाम भयावह हो सकते हैं। जिसमें हार्ट फेल्योर और स्ट्रोक जैसे मृत्यु कारक भी शामिल हैं।

ऑर्टिक स्टेनोसिस रोग क्या है?

ऑर्टिक स्टेनोसिस रोग क्या है?

ऑर्टिक स्टेनोसिस रोग के लक्षण

ऑर्टिक स्टेनोसिस एक ऐसा रोग है, जिसके लक्षण एक साथ नहीं बल्कि धीरे-धीरे सामने आते हैं। लेकिन समय के साथ और इलाज के अभाव में ये लक्षण खतरनाक और जानलेवा हो जाते हैं।

  • सामान्य फिजिकल एक्टिविटी में भी बहुत तेज सांस फूलना।
  • बिना मेहनत या किसी बीमारी के बहुत अधिक कमजोरी महसूसी होना।
  • सीने में जकड़न, दर्द और भारीपन महसूस होना।
  • दिल की धड़कनों का अनियमित होना या बहुत तेज होना।
  • सिर घूमना, चक्कर आना या अचानक बेहोश होना।
  • पैरों या टखनों में सूजन आना।

ऑर्टिक स्टेनोसिस का इलाज कैसे होता है?

ऑर्टिक स्टेनोसिस का इलाज कई तरह से किया जाता है। लेकिन इसका इलाज करने के लिए सबसे आधुनिक और असरदार तकनीक TAVI है। जिसमें जांघ की धमनी में कैथेटर डालकर रोगी का इलाज किया जाता है। इस तकनीक में ओपन हार्ट सर्जरी करने से बचा जाता है। ये कमजोर और उम्रदराज मरीजों के इलाज के लिए बेस्ट तकनीक है। क्योंकि इस तकनीक में दर्द का अहसास नहीं होता है। इस प्रोसेस में पुराने वाल्व के अंदर नया वाल्व फिट कर दिया जाता है। इसी तकनीक का इस्तेमाल करके 90 साल के प्रेम चोपड़ा नो डॉक्टर्स ने जीवनदान दिया है।

ऑर्टिक स्टेनोसिस का इलाज कैसे होता है?

ऑर्टिक स्टेनोसिस का इलाज कैसे होता है?

ऑर्टिक स्टेनोसिस एक खतरनाक बीमारी है, जो आमतौर पर उम्रदराज लोगों में ही देखने को मिलती है। लेकिन 90 साल की उम्र में इस बीमारी को मात देकर प्रेम चोपड़ा ने साबित कर दिया है कि आधुनिक चिकित्सा, सही देखभाल और वक्त पर इलाज मिल जाए तो किसी भी खतरनाक बीमारी को हराया जा सकता है। आप लेख में बताए गए लक्षणों को ध्यान में रख कर अपने घर के बड़े-बुजुर्गों की सेहत का ख्लाल रख सकते हैं।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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