How To Remove Whiteheads On Nose : नाक के आसपास छोटे-छोटे सफेद दाने या उभरे हुए बंप्स चेहरे की खूबसूरती को प्रभावित कर सकते हैं। इन्हें अक्सर व्हाइटहेड्स कहा जाता है। दरअसल, जब त्वचा के रोमछिद्रों में सीबम यानी तेल और डेड स्किन सेल्स जमा होकर पोर्स को बंद कर देते हैं, तो बंद कॉमेडोन बनते हैं, जो सफेद या त्वचा के रंग के छोटे उभार के रूप में दिखाई देते हैं। नाक और माथे का टी-जोन ऐसे बंप्स के लिए आम जगह है, क्योंकि यहां ऑयल ग्लैंड्स और पोर्स अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय होते हैं।
अगर आपकी भी नाक के पास भी ऐसे छोटे-छोटे व्हाइटहेड्स नजर आ रहे हैं, तो उन्हें नाखून से दबाकर निकालने के बजाय सही स्किन केयर रूटीन अपनाना जरूरी है। ऐसे में डर्मेटोलॉजिस्ट द्वारा सुझाए गए कुछ उपाय घर पर ही स्किन केयर में शामिल किए जा सकते हैं।
सैलिसिलिक एसिड वाला फेस वॉश करें इस्तेमाल
नाक के आसपास व्हाइटहेड्स के लिए सैलिसिलिक एसिड वाले फेस वॉश या अन्य ओवर-द-काउंटर प्रोडक्ट उपयोगी विकल्प हैं। सैलिसिलिक एसिड डेड स्किन सेल्स को हटाने और बंद पोर्स को खोलने में मदद करता है, इसलिए यह खास तौर पर व्हाइटहेड्स और ब्लैकहेड्स के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसे इस्तेमाल करते समय पैकेट पर दिए डॉयरेक्शन देखें। अगर इससे त्वचा में ज्यादा रूखापन या जलन होने लगे तो इस्तेमाल कम बार ही करें। इसके बाद त्वचा को मॉइस्चराइजर करना चाहिए।
चेहरा बार-बार न रगड़ें
व्हाइटहेड्स देखकर कई लोग स्क्रब या उंगलियों से नाक को जोर-जोर से रगड़ने लगते हैं। ऐसा करने से समस्या कम होने के बजाय त्वचा में जलन बढ़ सकती है। डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार मुंहासों वाली त्वचा को ज्यादा रगड़ने से बचना चाहिए। ऐसे में चेहरे को माइल्ड क्लींजर से धीरे-धीरे साफ करना बेहतर है।
व्हाइटहेड्स को दबाकर निकालने की कोशिश न करें
नाक के पास दिखने वाले सफेद दानों को नाखून से दबाना सबसे आम गलतियों में से एक है। इससे त्वचा में जलन और सूजन बढ़ सकती है, बैक्टीरिया पहुंचने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है और बाद में निशान भी पड़ सकते हैं, इसलिए व्हाइटहेड्स को खुद से निकालने के बजाय उन्हें सही स्किन केयर से कंट्रोल करना चाहिए।
ऑयल-फ्री और नॉन-कॉमेडोजेनिक प्रोडक्ट अपनाएं
अगर आपकी त्वचा व्हाइटहेड्स से परेशान है तो मॉइस्चराइजर, सनस्क्रीन और मेकअप खरीदते समय ऑयल-फ्री, नॉन-कॉमेडोजेनिक या वोंट क्लॉग पोर्स जैसे लेबल देखें। ऐसे प्रोडक्ट बंद पोर्स की समस्या को बढ़ाने से बचाते हैं। स्किन को मॉइस्चराइज करना भी जरूरी है। सैलिसिलिक एसिड जैसे एक्ने ट्रीटमेंट त्वचा को ड्राई कर सकते हैं और ऐसे में मॉइस्चराइजर त्वचा में रूखापन और जलन कम करने में मदद करता है।
चेहरे को दिन में सिर्फ दो बार साफ करें
सुबह और रात चेहरे को हल्के क्लींजर से साफ करने की आदत डालें। बहुत ज्यादा बार चेहरा धोना या हर बार स्क्रब करना त्वचा को परेशान कर सकता है। पसीना आने के बाद चेहरा साफ करना भी जरूरी है। क्लींजर लगाते समय उंगलियों का इस्तेमाल करें और त्वचा को जोर से न रगड़ें।
बालों के प्रोडक्ट भी बन सकते हैं वजह
कई बार नाक और माथे के आसपास छोटे-छोटे बंप्स की वजह स्किन के बजाय हेयर और स्किन केयर प्रोडक्ट भी हो सकते हैं। ऑयली हेयर प्रोडक्ट त्वचा तक पहुंचकर पोर्स को बंद कर सकते हैं और व्हाइटहेड्स जैसी समस्या पैदा कर सकते हैं। इस कारण हेयर ऑयल, वैक्स, पोमेड, स्टाइलिंग प्रोडक्ट या अन्य तैलीय चीजों को चेहरे की त्वचा से दूर रखें।
रात में चेहरा साफ करके ही सोएं
अगर आप मेकअप, सनस्क्रीन या दूसरे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं तो रात को सोने से पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ करें। मेकअप और स्किन केयर प्रोडक्ट चुनते समय नॉन-कॉमेडोजेनिक विकल्पों को प्राथमिकता दें।
नींबू, बेकिंग सोडा और टूथपेस्ट न लगाएं
व्हाइटहेड्स हटाने के नाम पर सोशल मीडिया पर कई घरेलू नुस्खे बताए जाते हैं, लेकिन हर चीज चेहरे पर लगाना सुरक्षित नहीं होता है। खासकर टूथपेस्ट को मुंहासों पर लगाने की सलाह डर्मेटोलॉजिस्ट नहीं देते है। इसमें मौजूद कुछ तत्व त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं और एक्ने का इलाज नहीं करते हैं। इस कारण नींबू, बेकिंग सोडा, टूथपेस्ट या किसी तेज स्क्रब से व्हाइटहेड्स को हटाने की कोशिश करने के बजाय ऐसे प्रोडक्ट इस्तेमाल करें जिनके एक्टिव इंग्रीडिएंट्स के पीछे चिकित्सकीय प्रमाण मौजूद हैं।
कितने समय में दिखेगा फर्क
व्हाइटहेड्स का इलाज रातोंरात नहीं होता है। डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार किसी एक एक्ने ट्रीटमेंट को लगातार और निर्देशों के मुताबिक इस्तेमाल करने पर शुरुआती सुधार आने में करीब 4 से 8 सप्ताह लग सकते हैं। इस कारण कुछ दिन इस्तेमाल करने के बाद प्रोडक्ट बदलते रहना सही तरीका नहीं है।
अगर नाक के आसपास के व्हाइटहेड्स लगातार बने हुए हैं, बहुत ज्यादा हैं, दर्दनाक या गहरे दाने बनने लगे हैं, निशान पड़ रहे हैं या 6-8 सप्ताह की उचित देखभाल के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना चाहिए। कुछ मामलों में जो चीज व्हाइटहेड जैसी दिखाई देती है, वह वास्तव में कोई दूसरी त्वचा समस्या भी हो सकती है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी डर्मेटोलॉजिस्ट द्वारा सुझाए गए उपायों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
