हेल्थ

भूलने की बीमारी और दिमागी सुस्ती से हैं परेशान, फेमस फिजिशियन की ये सलाह आएगी काम

वैसे तो ये सप्लीमेंट्स मेंटल हेल्थ को दुरुस्त रखने में काफी सहायक हैं, लेकिन इन्हें अपनी खुराक में शामिल करने से हमेशा विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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ब्रेन फॉगिंग से निजात दिलाएंगे ये 5 सप्लीमेंट्स (Photo: iStock)

आज की लाइफस्टाइल में ब्रेन फॉगिंग की समस्या तेजी से बढ़ रही है। दिमाग सुस्त पड़ जाना, एकाग्रता की कमी या छोटी-छोटी बातें भूलना ब्रेन फॉगिंग कहलाता है। Brain Fog अपने आप में कोई बीमारी या मेडिकल डायग्नोसिस नहीं है। इसके पीछे नींद की कमी, तनाव, खराब खान-पान, कुछ दवाएं, हार्मोनल बदलाव या दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

हाल ही में अमेरिका के मैरीलैंड में एनेस्थीसियोलॉजी और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन के चिकित्सक डॉ. कुनाल सूद ने सोशल मीडिया पर ऐसे पांच सप्लीमेंट्स के बारे में बताया, जो ब्रेन हेल्द और मेंटल क्लैरिटी को सपोर्ट कर सकते हैं:

ओमेगा-3 फैटी एसिड्स

दिमाग का लगभग 60% हिस्सा फैट से बना होता है, जिसमें DHA यानी डोकोसाहेक्साएनोइक एसिड सबसे महत्वपूर्ण है। ओमेगा-3 सप्लीमेंट्स मस्तिष्क की कोशिकाओं की संरचना को मजबूत करते हैं और न्यूरॉन्स के बीच संदेशों के आदान-प्रदान को तेज करते हैं। नियमित रूप से ओमेगा-3 का सेवन करने से दिमागी सूजन कम होती है, जिससे मानसिक स्पष्टता में सुधार आता है और ध्यान केंद्रित करना आसान हो जाता है।

विटामिन B-कॉम्प्लेक्स

हमारे नर्वस सिस्टम के सही कामकाज के लिए विटामिन B12 बेहद आवश्यक है। शरीर में विटामिन B12 की कमी से सीधे तौर पर मानसिक थकावट, चिड़चिड़ापन और याददाश्त कमजोर होने लगती है। विटामिन B-कॉम्प्लेक्स सप्लीमेंट्स शरीर में भोजन को ऊर्जा में बदलने का काम करते हैं, जिससे दिमाग को लगातार ऊर्जा मिलती रहती है और सुस्ती या धुंधलापन दूर होता है।

क्रिएटाइन

क्रिएटाइन को आमतौर पर जिम और मसल्स से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन इसका संबंध केवल मांसपेशियों से नहीं है। डॉ. सूद के मुताबिक, Creatine-Phosphocreatine सिस्टम दिमाग की कोशिकाओं में ऊर्जा के लिए जरूरी ATP को दोबारा बनाने में मदद करता है।

मैग्नीशियम

मैग्नीशियम तनाव पैदा करने वाले हार्मोन कॉर्टिसोल को नियंत्रित करता है और मस्तिष्क को शांत करने में मदद करता है। अगर आप चिंता, एंग्जाइटी या नींद की कमी की वजह से ब्रेन फॉग महसूस कर रहे हैं, तो मैग्नीशियम एल-थ्रियोनेट जैसा सप्लीमेंट दिमागी फोकस को बेहतर बनाने में काफी मददगार साबित हो सकता है।

Vitamin D

Vitamin D की कमी भी थकान से जुड़ी हो सकती है। डॉ. सूद के अनुसार, जिन लोगों में विटामिन डी की कमी है, उनमें इसकी कमी दूर करने से कुछ मामलों में मानसिक और शारीरिक ऊर्जा बेहतर महसूस हो सकती है।

वैसे तो ये सप्लीमेंट्स मेंटल हेल्थ को दुरुस्त रखने में काफी सहायक हैं, लेकिन इन्हें अपनी खुराक में शामिल करने से हमेशा किसी योग्य फिजिशियन या विशेषज्ञ से सलाह लें।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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