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दिल्ली में कबूतरों से बीमारी फैलने का दावा, खिलाने से फैल रहा ये गंभीर रोग, छूना भी जोखिम भरा

  • Authored by: Vineet
  • Updated Dec 29, 2025, 08:45 AM IST

Pigeon feeding Delhi Health Risk: दिल्ली में कबूतरों को दाना खिलाने से बीमारियां फैलने का दावा सामने आ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार कबूतरों की बीट और पंखों के सूक्ष्म कण हवा में घुलकर फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियां फैला सकते हैं। प्रशासनिक लापरवाही और बढ़ती आबादी से खतरा और बढ़ गया है।

दिल्ली में कबूतरों से बीमारी फैलने का डर

दिल्ली में कबूतरों से बीमारी फैलने का डर

Pigeon feeding Delhi Health Risk: दिल्ली में कबूतरों को दाना खिलाने की आदत आज एक बड़ा स्वास्थ्य खतरा बनती जा रही है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कबूतरों की बीट, पंख और सूक्ष्म कण हवा में फैलकर फेफड़ों तक पहुंचते हैं और गंभीर संक्रमण फैला सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों, बुज़ुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह जोखिम और ज्यादा बढ़ जाता है। प्रशासन पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

कबूतरों से फैलने वाली बीमारियां

विशेषज्ञ बताते हैं कि कबूतरों की बीट में मौजूद बैक्टीरिया और फफूंद जैसे तत्व सिटाकोसिस, हिस्टोप्लास्मोसिस और हाइपरसेंसिटिविटी न्यूमोनिटिस जैसी बीमारियाँ फैला सकते हैं। ये फेफड़ों पर असर डालती हैं, जिससे सांस लेने में दिक्कत, खांसी और थकावट जैसी समस्याएं होने लगती हैं। लगातार संपर्क रहने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।

बढ़ती आबादी और खतरा

दिल्ली में दाने की वजह से कबूतरों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ट्रैफिक सिग्नलों, पार्कों और बाजारों में बड़ी संख्या में कबूतर जमा होते हैं। सूखे मल के कण हवा में उड़कर फेफड़ों में जाते हैं और प्रदूषण की वजह से यह खतरा और बढ़ जाता है। डॉक्टरों के अनुसार रोजमर्रा के संपर्क में भी जोखिम बना रहता है।

NGT और प्रशासन की कार्रवाई

एक छात्र की याचिका पर NGT ने दिल्ली सरकार और MCD से रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन जमीनी स्तर पर सख्त कदम नजर नहीं आते। दाना खिलाने पर रोक और चेतावनी के निर्देश दिए गए, मगर लागू करने में देरी और ढील से स्थिति जस की तस बनी हुई है।

नुकसान सिर्फ स्वास्थ्य नहीं

कबूतरों का मल एसिडिक होता है, जिससे इमारतें, गाड़ियाँ और सार्वजनिक जगहें खराब होती हैं। लगातार सफाई और मरम्मत पर खर्च बढ़ रहा है। यानी यह सिर्फ स्वास्थ्य नहीं बल्कि आर्थिक बोझ भी बन रहा है।

समाधान और लोगों की जिम्मेदारी

विशेषज्ञों का सुझाव है कि दाना खिलाने की आदत कम की जाए, सफाई बढ़ाई जाए और प्रशासन सख्ती से कदम उठाए। लोगों को समझना होगा कि यह सिर्फ दया नहीं बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ा खतरा है। जागरूकता और अनुशासन से ही स्थिति सुधर सकती है।

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विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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