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Pregnancy Tips: क्यों होती है प्रेग्नेंसी में मॉर्निंग सिकनेस? जानें उल्टी-सिरदर्द के कारण और उपाय

Morning Sickness During Pregnancy: आपने गर्भावस्‍था में होने वाली मॉर्निंग सिकनेस के बारे में तो सुना ही होगा। अमूमन यह प्रॉब्‍लम प्रेग्‍नेंसी की पहली तिमाही में होती है लेकिन कुछ महिलाओं को यह लक्षण तीसरी तिमाही में भी परेशान करती है। आइये जानते हैं, इसके कारण और उपाय।

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morning sickness in pregnancy

Morning Sickness During Pregnancy: प्रेग्‍नेंसी के 9 महीनों में कब, क्‍या होगा, इस बात का आप अंदाजा नहीं लगा सकते हैं। ये 9 महीने काफी मुश्किल होते हैं और इसमें अचानक से कभी भी कोई भी प्रॉब्‍लम हो सकती है जैसे कि मतली होना, पीठ में दर्द होना, पैरों में सूजन आना आदि। प्रेग्नेंसी में महिलाओं को पहली तिमाही में बार-बार उल्टी और मतली होने की समस्या होती है। प्रेग्नेंट महिलाओं को सुबह उठने के बाद ये समस्याएं अधिक महसूस होती है और इसीलिए इन समस्याओं को मॉर्निंग सिकनेस कहा जाता है। एक स्टडी के अनुसार मॉर्निंग सिकनेस की वजह महिलाओ के शरीर में बनने वाले कुछ हार्मोन हैं।

बता दें कि मार्निंग सिकनेस के गम्भीर मामलों में प्रेग्नेंट महिलाओं को बहुत अधिक उल्टी और मतली होती है और उनके लिए खाना-पीना मुश्किल हो सकती है। ऐसी महिलाओं में डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है और उनका वजन बहुत अधिक गिर सकता है जिससे प्रेग्नेंट महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी खतरनाक हो सकता है। एक स्टडी में इस बात का दावा किया गया है कि मॉर्निंग सिकनेस 'जीडीएफ 15' नामक हार्मोन की वजह से होता है। यह हार्मोन प्रेगनेंसी में महिलाओं के खून में संचारित होता रहता है।

क्या है जीडीएफ 15 हार्मोन की भूमिका ?

एक्सपर्ट्स ने कहा कि, मार्निंग सिकनेस के दौरान तकरीबन 2 प्रतिशत महिलाओं को हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम की कंडीशन के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इन सभी महिलाओं में जीडीएफ 15 हार्मोन का लेवल अधिक पाया गया। स्टडी की लेखिका और यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया केक स्कूल आफ मेडिसिन में गायनेकोलाजिस्ट मार्लेना फेजो का कहना है कि, बीते 20 वर्षों के अनुभव के आधार पर जीडीएफ 15 हार्मोन ऐसे केमिकल्स हैं जो पूरे शरीर में संदेश भेजते हैं। जीडीएफ 15 हार्मोन का निर्माण संक्रमण और स्ट्रेस जैसी स्थितियों में प्रतिक्रिया के दौरान कई सेल्स द्वारा रिलीज किया जाता है। ये हार्मोन्स ब्रेन के एक हिस्से में जमा होने लगते हैं और ये पूरे शरीर को बीमार महसूस करने और उल्टी जैसी समस्याएं बढ़ाते हैं। स्टडी के दौरान पाया गया कि गम्भीर मॉर्निंग सिकनेस वाली महिलाओं जीडीएफ15 का लेवल बहुत अधिक रहा।

मॉर्निंग सिकनेस से राहत के उपाय

1) अदरक की चाय

अदरक की चाय पीने से पाचन से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं। इससे पेट फूलने और उबकाई जैसी समस्याओं से भी आराम मिलता है। प्रेगनेंसी में जिन महिलाओं को मॉर्निंग सिकनेस की समस्या होती है वो सुबह उठने के बाद अदरक की चाय पीने सेइन समस्याओं से आराम मिल सकता है। अदरक की चाय पीने से बेचैनी से भी राहत मिलती है। वहीं, प्रेगनेंसी में अगर ट्रैवल करना पड़े और उस दौरान चक्कर या उल्टी होने की समस्या से आराम पाने के लिए आप अदरक की चाय पी सकते हैं।

2) हर्बल टी

आयुर्वेदिक हर्ब्स से बनी हर्बल टी भी मॉर्निंग सिकनेस का एक अच्छा इलाज हो सकती है। इसके लिए आप पुदीना, तुलसी, अदरक जैसी हर्ब्स को पानी के साथ उबालकर हर्बल टी तैयार कर सकते हैं। सुबह इस चाय को पीने से मॉर्निंग सिकनेस से आराम मिल सकता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

TNN Health Desk
TNN हेल्थ डेस्क author

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