हेल्थ

Monsoon Mood: बारिश में कुछ लोगों में उदासी क्यों बढ़ जाती है, मॉनसून और मूड में परिवर्तन का क्या है कनेक्शन

Monsoon Mood: क्या बारिश के मौसम में आपका भी मन बुझा-बुझा रहता है? जानिए मॉनसून का मूड पर क्या असर पड़ता है, कुछ लोगों में उदासी क्यों बढ़ जाती है और इससे बचने के आसान तरीके।

Image

बरसात में कुछ लोग उदास क्यों रहने लगते हैं

Monsoon Mood: बारिश का मौसम आते ही कई लोगों का चेहरा खिल उठता है। ठंडी हवा, मिट्टी की खुशबू और बारिश की बूंदें मन को सुकून देती हैं। लेकिन हर किसी के साथ ऐसा नहीं होता। कुछ लोगों को इसी मौसम में बिना किसी खास वजह के उदासी, आलस, चिड़चिड़ापन या किसी काम में मन न लगने जैसी परेशानी होने लगती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसका संबंध सिर्फ मन से नहीं, बल्कि मौसम में होने वाले बदलाव से भी हो सकता है। वैज्ञानिक मानते हैं कि बारिश का मौसम हमारे दिमाग और शरीर दोनों को प्रभावित करता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि मॉनसून और मूड (rain and mood) का आखिर क्या रिश्ता है।

धूप कम मिलने से मन पर पड़ता है असर

बारिश के दिनों में आसमान पर बादल छाए रहते हैं और धूप कम निकलती है। धूप की कमी का असर हमारे दिमाग पर भी पड़ता है। यही वजह है कि कुछ लोगों को इस मौसम में पहले जैसी खुशी महसूस नहीं होती। उनका मन बुझा-बुझा रहने लगता है और किसी काम में दिल नहीं लगता।

बारिश में क्यों बढ़ जाता है आलस

क्या आपने देखा है कि बरसात में बार-बार नींद आने लगती है? ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मौसम ठंडा और अंधेरा रहता है। ऐसे माहौल में शरीर आराम करना चाहता है। इसी वजह से सुस्ती, थकान और काम करने की इच्छा कम हो सकती है।

हर व्यक्ति पर एक जैसा असर नहीं होता

कुछ लोग बारिश का खूब आनंद लेते हैं, जबकि कुछ लोगों का मूड खराब रहने लगता है। जिन लोगों पर पहले से काम का तनाव या मानसिक दबाव होता है, उनमें मौसम का असर थोड़ा ज्यादा दिखाई दे सकता है। इसलिए हर व्यक्ति का अनुभव अलग हो सकता है।

घर में बंद रहना भी बन सकता है वजह

बारिश के कारण लोग बाहर कम निकलते हैं। टहलना, दोस्तों से मिलना या दूसरी गतिविधियां भी कम हो जाती हैं। जब हम लंबे समय तक घर में ही रहते हैं, तो अकेलापन और बोरियत बढ़ सकती है। इसका असर भी हमारे मूड पर पड़ता है।

बारिश में ऐसे रखें अपना मूड अच्छा

मौसम चाहे जैसा भी हो, रोज थोड़ा टहलने या हल्की एक्सरसाइज की कोशिश करें। घर में भी अपने पसंद का काम करें, परिवार और दोस्तों से बात करें और अच्छी नींद लें। अगर कई हफ्तों तक लगातार उदासी बनी रहे और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ने लगे, तो डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

यह भी रखें ध्यान

बारिश का मौसम सिर्फ प्रकृति ही नहीं, हमारे मन पर भी असर डाल सकता है। इसलिए अगर मॉनसून में आपका मूड बदल जाता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। सही दिनचर्या, थोड़ी शारीरिक गतिविधि और अपनों का साथ इस मौसम को भी खुशहाल बना सकता है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

और पढ़ें
End of Article