हेल्थ

इस वायरस के हमले से आंखों से बहने लगता है खून, 15 लोगों की ले चुका जान, क्या कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक

दुनिया कोरोना वायरस के दर्द से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि एक और खतरनाक वायरस ने अफ्रीकी देशों में अपना कहर मचाना शुरू कर दिया है। जी हां दुनिया के लगभग 17 देशों में इसके लिए अलर्ट जारी किया गया है। आइए जानते हैं क्या है ये वायरस और कैसे होगा इससे बचाव?

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Photo : iStock

साल 2019 में शुरू हुआ कोरोना वायरस का कहर अभी भी अपना असर दिखाता रहता है। वहीं हर रोज नए-नए वायरस के खतरे ने मानव जाति के जीने पर ग्रहण लगा दिया है। क्या आप जानते हैं कि हाल ही में अफ्रीकी देश रवांडा में भी एक वायरस ने अपना कहर दिखाना शुरू किया है। जिससे अभी तक लगभग 15 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं सैकड़ों की संख्या में लोग इससे संक्रमित पाए गए हैं। इसके बढ़ते खतरे को देखते हुए दुनिया भर के लगभग 17 देशों ने ट्रैवलर्स के लिए अलर्ट जारी किया है। इस खतरनाक वायरस की गंभीरता की बात करें तो इससे संक्रमित होने पर आपकी आंखों से खून बहने लगता है। आइए जानते हैं इसे वायरस के बारे में विस्तार से..

कहां से आया वायरस

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट की मानें तो यह वायरस इबोला फैमिली से जुड़ा है। जो हमारे लिए कई बार खतरे का कारण बन चुका है। यह वायरस लोगों की धमनियों को भारी नुकसान पहुंचाता है, जिससे आप ब्लीडिंग के शिकार हो जाते हैं। यह एक जूनोटिक वायरस है जो जानवरों के माध्यम से इंसानों में पहुंचता है। इस वायरस के फैलने की बात करें तो चमगादड़ इसके फैलने की मुख्य वजह होते हैं।

कौन सा वायरस और क्या हैं लक्षण?

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो इस वायरस का नाम मारबर्ग है। जिसमें इबोला जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसकी चपेट में आने से आपको तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी, तेज सिरदर्द, गले में खराश, और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं ज्यादा संक्रमण बढ़ने पर यह वायरस ब्लीडिंग और ऑर्गन फेल्योर जैसी जानलेवा कंडीशन तक पैदा कर सकता है। हालांकि यह वायरस कोई नया नहीं है इसका पहला मामला साल 1961 में जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से सामने आया था।

कैसे होगा बचाव?

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो मारबर्ग वायरस के लिए अभी कोई सटीक वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह वायरस ज्यादा घातक साबित होता है। हालांकि इसके लक्षणों को ध्यान में रखते हुए रोगी का इलाज किया जाता है। जिसमें आपको लक्षण ठीक करने के साथ-साथ इम्यूनिटी बढ़ाने वाली भी कुछ दवाएं दी जाती हैं। हालांकि इस वायरस के लिए बनाई जा रही वैक्सीन की तैयारी अभी शुरुआती चरण में हैं। इसलिए अभी इससे बचाव ही सबसे जरूरी है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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