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CJP के 'चलो संसद' मार्च को अनुमति नहीं, संसद मार्ग इलाके में 60 दिनों के लिए धारा 163 लागू, जबरन प्रदर्शन पर होगी जेल

Parliament March: दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को संसद मार्च के आह्वान को देखते हुए नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू कर दी है और साफ किया है कि इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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संसद सत्र से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट (फोटो: PTI/AP)

Parliament March: राजधानी दिल्ली के सबसे संवेदनशील इलाकों में शामिल संसद मार्ग सब-डिवीजन क्षेत्र में दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत पूरे संसद मार्ग सब-डिवीजन क्षेत्र में, जंतर-मंतर के निर्धारित प्रदर्शन स्थल को छोड़कर, बिना लिखित अनुमति किसी भी तरह की सार्वजनिक सभा, धरना, प्रदर्शन, जुलूस और पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठे होने पर रोक लगा दी गई है। यह आदेश 24 जून 2026 से लागू हो चुका है और लगातार 60 दिनों तक यानी 22 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसद मार्ग और उसके आसपास का इलाका देश के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक और संवेदनशील क्षेत्रों में आता है। यहां संसद भवन, केंद्रीय मंत्रालय, कई अहम सरकारी कार्यालय और संवेदनशील संस्थान मौजूद हैं। इसके अलावा इस इलाके में पूरे दिन भारी संख्या में सरकारी कर्मचारी, आम नागरिक, पर्यटक और वाहन आते-जाते हैं। ऐसे में अगर बिना अनुमति बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं या धरना-प्रदर्शन और जुलूस निकाले जाते हैं तो इससे न केवल ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है।

दिल्ली पुलिस के आदेश में कहा गया है कि प्रशासन को ऐसी रिपोर्टें मिली हैं कि यदि इस क्षेत्र में सार्वजनिक सभाओं, जुलूसों और प्रदर्शनों पर नियंत्रण नहीं रखा गया तो सार्वजनिक शांति भंग होने, यातायात अवरुद्ध होने और लोगों की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका है। इसी को देखते हुए एहतियातन यह प्रतिबंध लगाया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को पहले ही रोका जा सके।

आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत कार्यपालक मजिस्ट्रेट को प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए जारी किया गया है। दिल्ली पुलिस के संसद मार्ग सब-डिवीजन के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) अजय शर्मा ने यह आदेश जारी किया है। इसमें साफ कहा गया है कि यह कदम केवल सुरक्षा, सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित

इस आदेश के लागू रहने के दौरान बिना लिखित अनुमति किसी भी प्रकार की सार्वजनिक बैठक आयोजित नहीं की जा सकेगी। पांच या उससे अधिक लोगों का एक साथ इकट्ठा होना भी प्रतिबंधित रहेगा।

इसके अलावा कोई भी व्यक्ति हथियार, विस्फोटक, लाठी, भाला, तलवार, डंडा, ईंट-पत्थर, बैनर, प्लेकार्ड या ऐसा कोई भी सामान लेकर नहीं चल सकेगा जिसका इस्तेमाल प्रदर्शन या हिंसक गतिविधियों में किया जा सकता हो।

आदेश के मुताबिक इस दौरान नारेबाजी करना, सार्वजनिक भाषण देना, जुलूस निकालना, प्रदर्शन करना, धरना देना, पिकेटिंग करना या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर विरोध-प्रदर्शन करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, जब तक कि उसके लिए पहले से लिखित अनुमति न ली गई हो।

जंतर-मंतर रहेगा छूट वाले क्षेत्र में

दिल्ली पुलिस ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध पूरे संसद मार्ग सब-डिवीजन क्षेत्र में लागू होगा, लेकिन जंतर-मंतर रोड का वह निर्धारित हिस्सा, जिसे प्रदर्शन के लिए अधिकृत स्थान माना गया है, इस आदेश से बाहर रहेगा।

हालांकि वहां भी प्रदर्शन केवल तय नियमों और पूर्व अनुमति के आधार पर ही किए जा सकेंगे। आदेश में यह भी साफ किया गया है कि यदि किसी संगठन या व्यक्ति को प्रदर्शन या सभा की अनुमति दी जाती है तो वह अनुमति किसी भी हालत में शाम 5 बजे के बाद तक नहीं बढ़ाई जाएगी।

दिल्ली पुलिस का यह प्रतिबंधात्मक आदेश 24 जून 2026 से लागू हो चुका है और 22 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा। यानी पूरे दो महीने तक संसद मार्ग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सख्ती रहेगी। यदि हालात की आवश्यकता हुई तो प्रशासन आगे भी कानूनी प्रावधानों के तहत निर्णय ले सकता है।

आदेश में साफ कहा गया है कि जो भी व्यक्ति इन निर्देशों का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सकती है और कानून के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई

आदेश में साफ कहा गया है कि जो भी व्यक्ति इन निर्देशों का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सकती है और कानून के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

दिल्ली पुलिस ने इस आदेश की प्रतियां गृह मंत्रालय, दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव, उपराज्यपाल कार्यालय, लोकसभा सचिवालय, एनडीएमसी, एमसीडी, सभी जिला डीसीपी, पुलिस थानों, ट्रैफिक पुलिस, स्पेशल ब्रांच, पीसीआर, तहसील कार्यालयों और अन्य संबंधित सरकारी विभागों को भेजी हैं। निर्देश दिए गए हैं कि आदेश की प्रतियां नोटिस बोर्डों पर चस्पा की जाएं ताकि आम लोगों को इसकी जानकारी मिल सके। इसके अलावा दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी को भी निर्देश दिए गए हैं कि स्थानीय मीडिया, रेडियो और टेलीविजन के माध्यम से इस आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति अनजाने में नियमों का उल्लंघन न करे।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसद मार्ग देश की प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र है। यहां अक्सर संसद सत्र, वीआईपी मूवमेंट, सरकारी कार्यक्रम और कई राष्ट्रीय महत्व के आयोजन होते रहते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह जरूरी है कि क्षेत्र में भीड़ और सार्वजनिक गतिविधियों को नियंत्रित रखा जाए। इसी उद्देश्य से यह प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया गया है, ताकि आम जनता की सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था हर हाल में बनी रहे।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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