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दिनभर कुर्सी पर बैठे रहना सिर्फ कमर ही नहीं, धमनियों की सेहत के लिए भी हो सकता है खतरनाक, दिल के डॉक्टर ने बताई वजह

How Sitting All Day Damage Arteries: क्या दिनभर ऑफिस में कुर्सी पर बैठे रहने से सिर्फ कमर ही नहीं, धमनियां भी प्रभावित हो सकती हैं? आइए कार्डियोलॉजिस्ट से जानते हैं इसकी वजह।

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सिटिंग जॉब या घर पर दिनभ बैठे रहना कैसे धमनियों के लिए है खतरा

How Sitting All Day Damage Arteries: आजकल ज्यादातर लोगों का दिन ऑफिस की कुर्सी पर ही गुजरता है। सुबह से शाम तक लैपटॉप या कंप्यूटर के सामने बैठे-बैठे काम करना आम बात हो गई है। ऐसे में लोग अक्सर सोचते हैं कि इसका असर सिर्फ कमर दर्द, गर्दन में अकड़न या वजन बढ़ने तक ही सीमित रहता है। लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है। यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के कंसल्टेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. जगदेश मदिरेड्डी बताते हैं कि अगर आप रोज कई घंटों तक बिना उठे बैठे रहते हैं, तो इसका असर आपके पैरों में खून के बहाव और धमनियों की सेहत पर भी पड़ सकता है। अगर यह आदत लंबे समय तक बनी रहे, तो दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए सिर्फ एक्सरसाइज करना ही नहीं, बल्कि दिनभर शरीर को बीच-बीच में चलाते रहना भी उतना ही जरूरी है।

लंबे समय तक बैठे रहने से क्या होता है

डॉ. जगदेश मदिरेड्डी के मुताबिक, लगातार कई घंटों तक बैठे रहने से पैरों में खून का बहाव धीमा पड़ सकता है। जब शरीर लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहता है, तो रक्त वाहिकाएं (धमनियां) भी पहले जैसी सक्रिय नहीं रह पातीं। अगर यह रोज का हिस्सा बन जाए, तो धीरे-धीरे दिल और रक्त संचार से जुड़ी परेशानियों का खतरा बढ़ सकता है। जिन लोगों को पहले से डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर या हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उन्हें इस आदत को लेकर और ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है।

इन संकेतों को बार-बार नजरअंदाज न करें

अगर ऑफिस में लंबे समय तक बैठने के बाद पैरों में भारीपन महसूस होता है, टखनों के पास सूजन आ जाती है, पैरों में जकड़न बनी रहती है या पहले के मुकाबले थोड़ा चलने पर भी जल्दी थकान महसूस होने लगी है, तो इन बातों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। डॉ. मदिरेड्डी कहते हैं कि ये लक्षण हमेशा किसी बड़ी बीमारी का संकेत नहीं होते, लेकिन अगर ये बार-बार दिखें तो डॉक्टर से सलाह लेना समझदारी है। समय रहते जांच कराने से कई समस्याओं को बढ़ने से रोका जा सकता है।

क्या सिर्फ शाम की वॉक या जिम काफी है

कई लोग सोचते हैं कि अगर उन्होंने शाम को एक घंटा वॉक कर ली या जिम चले गए, तो पूरे दिन बैठे रहने का असर खत्म हो जाएगा। लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता। डॉक्टर बताते हैं कि रोज की एक्सरसाइज अपनी जगह जरूरी है, लेकिन दिनभर बिना हिले-डुले बैठे रहना भी शरीर के लिए ठीक नहीं है। रिसर्च बताती है कि अगर आप लंबे समय तक लगातार बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में छोटे-छोटे ब्रेक लेते हैं, तो शरीर में खून का बहाव बेहतर बना रहता है और धमनियां भी ज्यादा स्वस्थ रहती हैं।

ऑफिस में ऐसे रखें अपनी सेहत का ध्यान

अगर आपकी नौकरी बैठकर करने वाली है, तो हर 30 से 45 मिनट में कम से कम 2-3 मिनट के लिए अपनी कुर्सी से जरूर उठें। फोन पर बात करते समय थोड़ा टहल लें। दिन में कुछ बार पैरों और टखनों को हल्का-सा घुमा लें या स्ट्रेच कर लें। पूरे दिन पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। साथ ही, हफ्ते में कम से कम 150 मिनट तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना या कोई भी मध्यम स्तर की शारीरिक गतिविधि करने की कोशिश करें। ये छोटी-छोटी आदतें लंबे समय में दिल और धमनियों दोनों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं।

छोटे बदलावों से मिले सकता है बड़ा फायदा

डॉ. जगदेश मदिरेड्डी कहते हैं कि आपको बैठना बंद करने की जरूरत नहीं है, बल्कि लंबे समय तक बिना ब्रेक लिए बैठे रहने की आदत बदलनी है। दिनभर में कुछ मिनट के छोटे-छोटे मूवमेंट ब्रेक लेना आसान भी है और फायदेमंद भी। अगर आप रोज यह छोटी-सी आदत अपना लेते हैं, तो आने वाले समय में आपकी धमनियां बेहतर तरीके से काम करेंगी और दिल भी ज्यादा स्वस्थ रहेगा। कई बार अच्छी सेहत के लिए बड़े बदलाव नहीं, बल्कि रोज की छोटी-छोटी अच्छी आदतें ही सबसे ज्यादा काम आती हैं।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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