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वेट लॉस के लिए करनी है इंटरमिटेंट फास्टिंग, तो पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान

इंटरमिटेंट फास्टिंग खाने का ये नया फॉर्मूला आजकल काफी ज्यादा चलन में हैं। वेट लॉस के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग का भरपूर इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये आपको फायदे के साथ कुछ नुकसान भी पहुंचा सकती है। जी हां आइए जानते हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे और नुकसान दोनों...

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intermittent fasting (Photo - Canva)

वजन कम करने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग का तरीका आजकल काफी कॉमन होता जा रहा है। खाने के बीच में एक लंबा गैप इसे इंटरमिटेंट फास्टिंग कहा जा रहा है। हेल्थ एक्सपर्ट्स वेट लॉस के लिए काफी कारगर तरीका मानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये आपके शरीर को कुछ फायदों के साथ कुछ नुकसान भी पहुंचा सकती है। जी हां यदि आप मानते हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग सेहत के लिए केवल फायदेमंद ही होती है, तो आज हम आपको इसके साइड इफेक्ट भी बताएंगे। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे - Benefits Of Intermittent Fasting In Hindi

वेट लॉस में सहायक

इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान शरीर ग्लूकोज के बजाय जमा हुई चर्बी को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करता है। इससे वजन कम होने में मदद मिलती है।

डायबिटीज कंट्रोल में कारगर

इंटरमिटेंट फास्टिंग का तरीका ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है और टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को काफी घटा सकता है।

मेटाबॉलिज्म होगा बूस्ट

इंटरमिटेंट फास्टिंग से शरीर की कोशिकाएं सेल्फ रिपेयर मोड में जाती हैं, जिससे आपका मेटाबॉलिज्म बेहतर होने लगता है।

मानसिक एकाग्रता बढ़ेगी

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो कई लोगों को इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान बेहतर मेंटल फोकस और मानसिक शांति का अनुभव होता है।

इंटरमिटेंट फास्टिंग के नुकसान - Disadvantages Of Intermittent Fasting In Hindi

कमजोरी और चक्कर आना

इंटरमिटेंट फास्टिंग की शुरुआत में लंबे समय तक न खाने से आपको कमजोरी, चक्कर आना और लो एनर्जी की समस्या हो सकती है।

अधिक खाने की आदत

इंटरमिटेंट फास्टिंग से कुछ लोगों में ज्यादा खाने की समस्या भी देखने को मिलती है। जिससे सेहत को फायदे की बजाय नुकसान होने लगता है।

नींद पर असर

इंटरमिटेंट फास्टिंग को अपनाने में यदि आपके शरीर को समय लगा तो ये आपकी नींद में बाधा और चिड़चिड़ापन का कारण हो सकता है।

महिलाओं के लिए सावधानी

इंटरमिटेंट फास्टिंग का महिलाओं की सेहत पर खास देखने को मिलता है। इसके कारण हार्मोनल बदलाव हो सकता है, जिससे पीरियड्स या थायरॉइड संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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