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प्रीडायबिटीज ठीक करने से कितना घटता है हार्ट अटैक का खतरा? स्टडी में सामने आई 60% कमी

  • Edited by: Vineet
  • Updated Dec 14, 2025, 07:05 AM IST

प्रीडायबिटीज को कंट्रोल करना सिर्फ शुगर के लिए नहीं, दिल के लिए भी बेहद जरूरी है। द लैंसेट डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी में प्रकाशित स्टडी बताती है कि अगर प्रीडायबिटीज ठीक हो जाए तो हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और दिल से जुड़ी मौतों का खतरा करीब 60 प्रतिशत तक घट सकता है। जानिए इस रिसर्च का पूरा मतलब आसान भाषा में।

प्रीडायबिटीज और दिल का सीधा कनेक्शन

प्रीडायबिटीज और दिल का सीधा कनेक्शन

आजकल बहुत से लोग कहते हैं, अभी तो बस प्रीडायबिटीज है, टेंशन की क्या बात? लेकिन नई स्टडी बताती है कि यही सोच आगे चलकर दिल पर भारी पड़ सकती है। अगर समय रहते प्रीडायबिटीज को कंट्रोल कर लिया जाए, तो हार्ट अटैक और दिल की गंभीर बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। द लैंसेट डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी जर्नल में छपी इस रिसर्च ने प्रीडायबिटीज और हार्ट हेल्थ के रिश्ते को बिल्कुल नए नजरिए से समझाया है।

प्रीडायबिटीज और दिल का सीधा कनेक्शन

स्टडी के मुताबिक, जिन प्रीडायबिटिक मरीजों ने अपने ब्लड शुगर लेवल को नॉर्मल रेंज में ला लिया, उनमें दिल से जुड़ी गंभीर घटनाओं का खतरा लगभग 60 प्रतिशत तक कम हो गया। इसमें हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और दिल की बीमारी से होने वाली मौत शामिल है। यानी ब्लड शुगर कंट्रोल करना सिर्फ डायबिटीज से बचाव नहीं, बल्कि दिल की सुरक्षा भी है।

रिसर्च क्या कहती है

यह रिसर्च द लैंसेट डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुई है। यूके के किंग्स कॉलेज लंदन के रिसर्चर्स के अनुसार, जिन लोगों ने प्रीडायबिटीज से छुटकारा पा लिया था, उनमें कार्डियोवैस्कुलर मौत या हार्ट फेलियर के कारण अस्पताल में भर्ती होने का खतरा 58 प्रतिशत कम देखा गया। खास बात यह है कि यह असर कई दशकों बाद तक बना रहा।

सिर्फ लाइफस्टाइल बदलाव क्यों काफी नहीं

अब तक माना जाता रहा है कि वजन कम करना, एक्सरसाइज और हेल्दी डाइट ही दिल को सुरक्षित रखती है। लेकिन स्टडी बताती है कि सिर्फ लाइफस्टाइल बदलाव से प्रीडायबिटीज वाले लोगों में हार्ट अटैक का खतरा जरूरी नहीं कि कम हो जाए। लीड लेखक डॉ. एंड्रियास बिर्केनफेल्ड के अनुसार, ये आदतें जरूरी हैं, लेकिन हार्ट अटैक और मौत के जोखिम को घटाने का ठोस सबूत नहीं देतीं, जब तक प्रीडायबिटीज रिमिशन में न जाए।

प्रीडायबिटीज रिमिशन क्यों है गेम चेंजर

डॉ. बिर्केनफेल्ड कहते हैं कि प्रीडायबिटीज से पूरी तरह छुटकारा पाना, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने और स्मोकिंग छोड़ने जितना ही बड़ा प्रिवेंशन टूल बन सकता है। यानी अगर शुगर नॉर्मल हो जाए, तो दिल को लंबे समय तक सुरक्षा मिल सकती है।

आखिर प्रीडायबिटीज है क्या

प्रीडायबिटीज वह स्थिति है जब ब्लड ग्लूकोज लेवल नॉर्मल से ज्यादा होता है, लेकिन टाइप 2 डायबिटीज के स्तर तक नहीं पहुंचता। यही वह स्टेज है, जहां सही इलाज और कंट्रोल से बड़े खतरे को टाला जा सकता है।

निष्कर्ष

यह स्टडी साफ इशारा करती है कि प्रीडायबिटीज को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। अगर समय रहते ब्लड शुगर नॉर्मल कर लिया जाए, तो दिल को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। यही वजह है कि डॉक्टर अब प्रीडायबिटीज रिमिशन को हार्ट अटैक से बचाव का चौथा बड़ा हथियार मान रहे हैं।

Inputs: IANS

Vineet
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विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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