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सीजनल एलर्जी कितनी खतरनाक होती है? क्या होता हैं लक्षण, जानिए बचाव के लिए आसान उपाय

How Dangerous Is Seasonal Allergy, Symptoms and Prevention In Hindi: मौसम बदलने पर कुछ लोगों को कई तरह की एलर्जी परेशान करती हैं, इनमें छींकें आना, नाक बहना या आंखों में खुजली जैसी समस्याएं शामिल हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, इन्हें हल्के में लेना बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आज हम आपको बताएंगे आप मौसमी एलर्जी से बचने के लिए क्या कर सकते हैं और इनके लक्षण

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How Dangerous Is Seasonal Allergy, Symptoms and Prevention In Hindi

How Dangerous Is Seasonal Allergy, Symptoms and Prevention In Hindi: जैसे ही मौसम बदलता है, कुछ लोगों को छींक आना, आंखों में खुजली या गले में खराश जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। कई बार हम सोचते हैं कि ये बस हल्की सर्दी है, लेकिन असल में ये सीजनल एलर्जी हो सकती है। यह शरीर की इम्यून सिस्टम पर असर डालती है और समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो परेशानी बढ़ सकती है। इस लेख में जानिए कि ये एलर्जी कितनी गंभीर हो सकती है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे बचने के आसान घरेलू तरीके क्या हैं।

मौसम बदलते ही क्यों होती है एलर्जी - Seasonal Allergy Causes In Hindi

जब मौसम बदलता है, तब हवा में परागकण, धूल और नमी बढ़ जाती है। ये चीजें हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को चौंका देती हैं और एलर्जी शुरू हो जाती है। खासकर जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें इसका असर जल्दी होता है।

मौसमी एलर्जी के आम लक्षण - Seasonal Allergy Symptoms In Hindi

सीजनल एलर्जी के लक्षण एकदम सर्दी-जुकाम जैसे लगते हैं। लगातार छींक आना, नाक बहना या बंद होना, आंखों में जलन, गले में खराश और कभी-कभी थकावट भी महसूस होती है। कुछ लोगों को त्वचा पर रैशेज या खुजली भी हो सकती है।

कभी-कभी बन सकती है गंभीर

अगर समय पर इसे नहीं समझा गया, तो सीजनल एलर्जी आगे चलकर अस्थमा, साइनस या ब्रोंकाइटिस जैसी गंभीर परेशानियों का कारण बन सकती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को इसका ज्यादा खतरा रहता है।

बचाव ही सबसे अच्छा तरीका है

एलर्जी से बचने के लिए सबसे जरूरी है साफ-सफाई और सतर्कता। बाहर निकलते वक्त मास्क लगाएं, घर की धूल साफ रखें और मौसम के हिसाब से कपड़े पहनें। अगर आपको पहले से एलर्जी की दिक्कत है तो डॉक्टर से सलाह लेकर दवा लेनी चाहिए।

घरेलू उपाय भी काम आते हैं

हल्दी वाला दूध, तुलसी-अदरक की चाय और गुनगुने पानी से गरारे जैसी घरेलू चीजें काफी राहत देती हैं। भाप लेना भी बंद नाक और गले की खराश में मदद करता है। इन आसान उपायों से आप एलर्जी को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं।

समय रहते ध्यान दें

सीजनल एलर्जी कोई बड़ी बीमारी नहीं है, लेकिन लापरवाही से यह बड़ी समस्या बन सकती है। जरूरी है कि आप अपने शरीर के संकेतों को समझें और समय रहते इलाज या बचाव शुरू करें।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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