Symptoms of Hepatitis And Prevention Tips : दिल्ली में इन दिनों हेपेटाइटिस ए और ई के मामलों में काफी वृद्धि देखी जा रही है, ये दोनों ही रोग संक्रमण के कारण फैलते हैं। जिसमें ज्यादातर मामले दूषित खाना और पानी के कारण पैदा होते हैं। मानसून के मौसम की शुरुआत के साथ ही इन बीमारियों के फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है। क्योंकि ये मौसम खाना और पानी दोनों के प्रदूषण के लिए आदर्श परिस्थितियां बनाता है। यही कारण है कि हेल्थ एक्सपर्ट इस मौसम में आपको सेहत के प्रति सचेत रहने की सलाह देते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे फैलता है ये रोग और कैसे करें बचाव?
क्यों बढ़ रहे हेपेटाइटिस के मामले?
हेपेटाइटिस-ए और हेपेटाइटिस-ई दोनों ही लिवर से जुड़े संक्रामक रोग हैं, जो वायरस के कारण एक से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं। इसका संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के मल के संपर्क में आना, दूषित पानी-भोजन के द्वारा शरीर में प्रवेश हो जाते हैं। मानसून के मौसम में लगातार बारिश के कारण संक्रमण का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है। जिससे इस मौसम में हेपेटाइटिस-ए और ई के मामलों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अस्पतालों में हेपेटाइटिस के मरीजों की संख्या में 30-40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा गर्भवती महिलाओं को होता है। क्योंकि ये महिला के साथ गर्भ में पल रहे बच्चे को भी नुकसान पहुंचाता है। आइए जानते हैं इसके कुछ लक्षण...
- आंखों और त्वचा का पीला यानी पीलिया (Jaundice) होना।
- शरीर में लगातार और बिना कारण थकावट महसूस होना।
- भूख न लगना या खाने की इच्छा का बहुत कम हो जाना।
- हमेशा हल्का बुखार लगना और कभी-कभी तेज बुखार आना।
- पेट के दाईं तरफ ऊपरी हिस्से में लगातार दर्द बना रहना।
- गहरे रंग का पेशाब जिसका रंग सामान्य से गहरा पीला होना।
- मल का रंग हल्का पीला या सफेद जैसा हो जाना।
हेपेटाइटिस-ए और ई से बचाव के उपाय
- पानी को हमेशा उबालकर पिएं, खुला और दूषित पानी न पिएं। इसके साथ ही पानी के बर्तन को हमेशा ढककर रखें।
- खाने की सफाई को लेकर हमेशा ध्यान रखें, खुले में बिकने वाला खाना न खाएं। फल-सब्जियों को धोकर ही इस्तेमाल करें।
- खुले में शौच करने से बचें और न इसके संपर्क में आएं। आसपास गंदगी न फैलाएं।
- हेपेटाइटिस-ए के लिए टीका बाजार में उपलब्ध है, जिसे समय पर जरूर लगवाएं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
