हाल ही में दिग्गज शूटर और कोच जसपाल राणा के निधन के बाद दिल की बीमारियों को लेकर लोगों के मन में कई सवाल उठने लगे हैं। खासकर हार्ट रप्चर, हार्ट अटैक और स्टेंट से जुड़ी चर्चा। रिपोर्ट्स के अनुसार कोच जसपाल की कुछ दिनों पहले ही दिल का दौरा पड़ने के बाद एंजियोप्लास्टी हुई थी। एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया में स्टेंट लगता है, जो दिल का दौरा रोकने में मदद करता है।
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हालांकि लोग सोचते हैं कि एक बार स्टेंट लग जाने के बाद दिल का दौरा पड़ने का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाता है, लेकिन वास्तविकता इससे थोड़ी अलग है। स्टेंट लगाने से ब्लड फ्लो बेहतर होता है, लेकिन इसे दिल की बीमारी का परमानेंट इलाज नहीं माना जाता है। इसलिए स्टेंट लगने के बाद भी स्वस्थ जीवनशैली, नियमित दवाएं और डॉक्टर की सलाह का पालन करना बेहद जरूरी होता है।
क्या स्टेंट लगने के बाद भी हार्ट अटैक आ सकता है?
हां, स्टेंट लगवाने के बाद भी हार्ट अटैक आ सकता है। स्टेंट सिर्फ ब्लॉक हुई नस को खोलने का काम करता है, लेकिन दिल की बीमारी पूरी तरह खत्म नहीं होती। अगर दूसरी नसों में ब्लॉकेज बढ़ जाए, दवाइयां समय पर न ली जाएं या खानपान और लाइफस्टाइल का ध्यान न रखा जाए, तो हार्ट अटैक का खतरा बना रह सकता है। इसलिए स्टेंट लगने के बाद भी नियमित जांच और स्वस्थ आदतें बहुत जरूरी हैं।
स्टेंट कितने साल काम करता है
स्टेंट कितने साल चलेगा, इसका कोई एक तय जवाब नहीं है। कई लोगों में स्टेंट 10-15 साल या उससे भी ज्यादा समय तक बिना किसी परेशानी के काम करता है। यह काफी हद तक व्यक्ति की सेहत, खानपान, दवाइयों और लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है।
स्टेंट लगाने में कितना खर्च आता है
दिल में स्टेंट लगने के बाद दवाइयां बंद करने, धूम्रपान करने, ज्यादा तला-भुना खाने और डॉक्टर की सलाह को नजरअंदाज करने की गलती नहीं करनी चाहिए।
साथ ही नियमित जांच कराते रहें और अचानक सीने में दर्द या सांस फूलने जैसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। तो स्टेंट लंबे समय तक अच्छी तरह काम कर सकता है। इसलिए सिर्फ स्टेंट लगवाना ही नहीं, बल्कि उसके बाद अपनी सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।
