Health News Today in Hindi: क्या आप भी स्वास्थ्य से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए यहां-वहीं भटकते रहते हैं? तो आपको बता दें कि आप अकेले नहीं है। सेहत के क्षेत्र में क्या-क्या नया घट रहा है और क्या बदलाव हो रहे हैं, इसकी जानकारी लोगों को एक जगह नहीं मिल पाती है। वजह इंटरनेट पर अलग-अलग न्यूज वेबसाइट पर भटकते रहते हैं। लेकिन फिर भी बहुत सी खबरें उनसे छूट जाती हैं। पर्याप्त जानकारी और खबरों से अनजान होने की वजह से वे काफी चीजों से चूक जाते हैं, उन्हें बहुत सारी चीजों का लाभ भी नहीं मिल पाता है। ऐसे में आप तक स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जरूरी खबरें एक ही जगह पर पहुंचाने के लिए हमने यह हेल्थ बुलेटिन शुरू किया है, जहां हम आपको एक ही जगह सभी जरूरी जानकारियां देंगे। इस लेख में जानें हेल्थ से जुड़ी आज की ताजा खबरें और नॉलेज।
भीषण गर्मी में लू की वजह से देशभर में 45 से ज्यादा मौतें
देशभर में गर्मी से लोग बेहाल हो रहे हैं। मौसम का बढ़ता तापमान जानलेवा हो रहा। धधकती गर्मी और लू की वजह से कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। आपको बता दें कि भीषण गर्मी को वजह से 45 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ये मामले देश के अलग-अलग हिस्सों से हैं। बिहार में 20 और ओडिशा में 12 लोग गर्मी की वजह से जान गंवा चुके हैं। दिल्ली में भी बढ़ती गर्मी के कारण मौत का पहला मामला सामने आ चुका है। इसके अलावा, झारखंड में 7, राजस्थान में 5 और उत्तर प्रदेश में भी 1 व्यक्ति की मौत हो चुकी है। अभी भी लगातार गर्मी का प्रकोप जारी है।
दिल्ली में लू का ऑरेंज एलर्ट, अगले 2-3 दिन ले सकेंगे चैन की सांस
दिल्ली में भीषण गर्मी की वजह से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। दिल्ली के नरेला में तापमान 49.C तक पहुंच गया था। जिसके बाद मौसम विभाग ने येलो एलर्ट जारी किया था। अब मौसम विभाग का नया बयान आया है जिसमें बताया गया है कि अगले 2-3 दिन दिल्ली में गर्मी का प्रकोप थोड़ा कम हो सकता है। IMD की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ का असर दिल्ली में भी देखने को मिल सकता है। अरब सागर से उतर-पश्चिम की ओर बहने वाली हवाओं की वजह से बारिश या तूफान की स्थिति देखने को मिल सकती है, जिसे दिल्लीवासियों गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया हुआ है।
IMD ने बताया भीषण गर्मी में लू से कैसे बचें
देशभर में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। कई राज्यों में तापमान 45 से 49 डिग्री तक पहुंच चुका है। भीषण गर्मी और लू की चपेट में आने की वजह से देशभर में कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को गर्मी के प्रकोप से बचाने और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए कुछ टिप्स शेयर किए हैं। उन्होंने अपने X अकाउंट पर भीषण गर्मी की चपेट में आने से बचने के लिए जरूरी जानकारी शेयर की है। इनमें हल्के कपड़े पहनना, घर से बाहर निकलते समय छाते का प्रयोग, ठंडे पानी में स्नान, भरपूर पानी का सेवन, हाई प्रोटीन फूड्स का सेवन कम, मसालेदार भोजन से परहेज, घर को ठंडा रखना, ORS और घर की बनी देसी ड्रिंक का सेवन, घर को ठंडा रखना और बीमार होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाने की सलाह आदि शामिल हैं।
इनोवेटिव सेल थेरेपी से 59 साल के व्यक्ति का हुआ डायबिटीज का इलाज
चीन के वैज्ञानिकों के डायबिटीज के उपचार के क्षेत्र में बड़ा कारनामा कर दिखाया है। उन्होंने इनोवेटिव सेल थेरेपी के जरिए डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति का इलाज किया है। सेल डिस्कवरी जर्नल में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है, जिसमें बताया गया है कि जुलाई 2021 में मरीज का सेल ट्रांसप्लांट किया गया था। वैज्ञानिकों का दावा है कि सेल थेरेपी के 11 हफ्ते बाद मरीज की इंसुलिन पर निर्भरता खत्म हो गई। उन्हें बाद में बाद में इंसुलिन लेने की जरूरत नहीं पड़ी। वैज्ञानिकों का दावा है कि थेरेपी के बाद शुगर के मरीजों की दवाएं भी जल्द छूट सकती हैं। अध्ययन में बताया है कि टाइप 2 से पीड़ित व्यक्ति का 59 की उम्र में इलाज किया गया है, व्यक्ति लगभग 25 सालों से इस बीमारी से जूझ रहा था। लेकिन थेरेपी के बाद उनकी बीमारी पूरी तरह से काबू में आ गई है।
भारतीय युवा तेजी से हो रहे ब्लड कैंसर का शिकार
जर्नल लांसेट में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में चौंका देने वाला खुलासा हुआ है। अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कैंसर भारत में ब्लड कैंसर तेजी से युवाओं को अपना शिकार बना रहा है। देश में कम उम्र में लोग ब्लड कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। भारत में इसके अधिकांश मामले 30-40 साल के बीच देखे गए हैं। वहीं पश्चिमी देशों की बात करें तो वहां यह 64 वर्ष की आयु में देखने को मिलता है। अध्ययन के निष्कर्षों ने देश के युवाओं की चिंताएं बढ़ा दी हैं। हालांकि, स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर ब्लड कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।
संक्रमित होने के तीन साल बाद भी बना रह सकता है कोविड का असर
नेचर मेडिसिन में प्रकाशित एक जांच में कोरोना वायरस के दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर एक नया खुलाया हुआ है। जांच में बताया गया है कि जो व्यक्ति को इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, उनमें ठीक होने के 3 साल बाद भी गंभीर बीमारियां होने का खतरा देखने को मिल सकता है। अध्ययन में यह बात सामने आई है कि जो लोग कोविड से संक्रिमित होने के बाद अस्पताल में हृदय रोग, स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और अल्जाइर रोग आदि जैसी स्थितियों के साथ भर्ती हुए थे, ऐसे लोगों में 3 साल बाद बीमारियों का खतरा 34 प्रतिशत तक बढ़ गया। वहीं, जो लोग कोविड की चपेट में नहीं आए थे, उनमें में खतरा इतना नहीं था। हालांकि, इस पर अभी अधिक अध्ययन की आवश्यकता है।
वैज्ञानिकों ने ढूंढ लिया कोविड के नए वैरिएंट के खिलाफ लड़ने का प्रभावी तरीका
कोविड-19 के नए-नए वैरिएंट्स ने सभी की चिंताएं बढ़ाई हुई हैं। लेकिन अब इससे लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। वैज्ञानिकों को इससे लड़ने का एक प्रभावी तरीका ढूंढ निकाला है। कोविड के नए वैरिएंट के खिलाफ अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसी एंटीबॉडी विकसित कर ली है, जिसे कोरोना के सभी वैरिएंट के खिलाफ काफी प्रभावी माना जा रहा है। कोविड के खतरे को कम करने के लिए इस नई ह्यूमन मोनोक्लोनल एंटीबॉडी को टेक्सास बायोमेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट ने अलबामा विश्वविद्यालय और कोलंबिया विश्वविद्यालय ने मिलकर विकसित किया है। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह एंटीबॉडी भविष्य में कोरोना के वैरिएंट्स के खिलाफ लड़ने में काफी प्रभावी साबित हो सकती है।
