सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास क्षेत्र का नाम बदल दिया गया है। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को ये एलान किया। उन्होंने कहा कि अब इस क्षेत्र को कर्तव्य भवन परिसर या कर्तव्य भवन क्षेत्र कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए ’सेंट्रल विस्टा’नाम का अब इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
सीपीडब्ल्यूडी के स्थापना दिवस में किया एलान
वे केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस नए नाम को सभी आधिकारिक दस्तावेजों और संदर्भों में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अब तक हम बार-बार इसे ’सेंट्रल विस्टा’ कहते रहे हैं। अब से कृपया इसे ’कर्तव्य भवन परिसर’ या ’कर्तव्य भवन क्षेत्र’ कहें। सेंट्रल विस्टा नाम अब बदल दिया गया है। भविष्य में इसे उस पुराने नाम से नहीं पुकारा जाना चाहिए।'
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने सीपीडब्ल्यूडी में नई तबादला नीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को अपनी पसंद के स्थान पर तैनाती का विकल्प देने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों को केवल अपने हित के बजाय संगठन और सभी कर्मचारियों के सामूहिक हित को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए।
क्या है सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना?
बता दें कि सरकार की योजना सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना के तहत सभी केंद्रीय मंत्रालयों को एक जगह लाने के लिए साझा केंद्रीय सचिवालय के अंतर्गत 10 इमारतें बनाने की है, जिनमें से तीन का निर्माण पहले ही हो चुका है।
2022 में पीएम मोदी ने बदला था राजपथ का नाम
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक जाने वाले राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया था। इसका उद्देश्य औपनिवेशिक विरासत के प्रतीकों को हटाना और नागरिकों के कर्तव्यों के महत्व को रेखांकित करना बताया गया था। बाद में इस मार्ग के किनारे बने नए सरकारी कार्यालयों को कर्तव्य भवन नाम दिया गया। वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के कार्यालय वाले नए परिसर का नाम सेवा तीर्थ रखा गया।
