Monsoon Food Spoilage Prevention: बरसात के दिनों में आपने भी देखा होगा कि ब्रेड पर जल्दी फफूंद लग जाती है, सब्जियां कुछ ही दिनों में खराब होने लगती हैं और आटा या मसालों में नमी आ जाती है। ज्यादातर लोग इसे मौसम का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसके पीछे एक बड़ा कारण हवा में बढ़ी हुई नमी होती है। हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस के फूड टेक्नोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. सैमुअल अयोफेमी ओलालेकन अडेयेये के अनुसार, ज्यादा नमी खाने को जल्दी खराब कर सकती है और अगर सावधानी न बरती जाए तो इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा भी बढ़ सकता है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान आदतें अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
नमी से खाना जल्दी क्यों खराब होता है
डॉ. सैमुअल बताते हैं कि जब हवा में नमी बढ़ जाती है, तो खाने में भी नमी बढ़ने लगती है। ऐसे माहौल में खाने को खराब करने वाले बैक्टीरिया, फफूंद और यीस्ट तेजी से पनपते हैं। यही वजह है कि खाना जल्दी खराब होने लगता है, उसका स्वाद और खुशबू बदल जाती है और कई बार वह खाने लायक भी नहीं रहता।
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किन चीजों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है
ज्यादा नमी का असर लगभग हर तरह के खाने पर पड़ता है। फल और सब्जियां जल्दी गलने लगती हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां ज्यादा देर तक ताजा नहीं रहतीं। दूध, दही, पनीर, मांस, मछली और पका हुआ खाना भी जल्दी खराब हो सकता है। वहीं ब्रेड पर फफूंद लगना, बिस्किट का नरम पड़ जाना और आटा, चावल, दाल या मसालों में नमी आना भी इसी वजह से होता है।
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खाना सुरक्षित रखने के आसान तरीके
डॉक्टर के मुताबिक, फ्रिज का तापमान 0 से 4 डिग्री सेल्सियस और फ्रीजर -18 डिग्री सेल्सियस या उससे कम होना चाहिए। सूखे सामान को हमेशा अच्छी तरह बंद डिब्बों में रखें। पका हुआ खाना ठंडा होने के बाद जल्द से जल्द फ्रिज में रख दें। फ्रिज का दरवाजा बार-बार खोलने से बचें और उसे जरूरत से ज्यादा न भरें, ताकि ठंडी हवा आसानी से घूम सके। बरसात के मौसम में रसोई में हवा का अच्छा इंतजाम भी जरूरी है।
हर घर के लिए जरूरी सलाह
डॉ. सैमुअल कहते हैं कि जितना खाना समय पर इस्तेमाल हो सके, उतना ही खरीदें। पहले खरीदा हुआ सामान पहले इस्तेमाल करें। कच्चे और पके हुए खाने को अलग रखें ताकि संक्रमण का खतरा न बढ़े। अगर किसी खाने से बदबू आने लगे, रंग बदल जाए या उस पर फफूंद दिखाई दे, तो उसे खाने की कोशिश न करें। थोड़ी-सी सावधानी न सिर्फ खाने को लंबे समय तक सुरक्षित रखती है, बल्कि पूरे परिवार की सेहत की भी रक्षा करती है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
