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सबसे तगड़ा 'हेल्थ टॉनिक' है ब्रह्म मुहूर्त की सैर, शारीरिक मानसिक समस्याओं की होती है छुट्टी

ब्रह्ममुहूर्त में उठकर 30 मिनट की सैर कोई साधना नहीं, बल्कि सबसे आसान और सबसे पावरफुल हैक है जो आप अपनी सेहत, खुशी और सफलता के लिए कर सकते हो। आज से शुरू कर दो – 30 दिन बाद खुद फर्क महसूस करेंगे।

Early Morning Walk

'हेल्थ टॉनिक' है ब्रह्म मुहूर्त की सैर, शारीरिक-मानसिक समस्याओं की छुट्टी (Photo: iStock)

सर्दी हो या गर्मी, सुबह बिस्तर छोड़ना बहुत से लोगों को मुश्किल लगता है। लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों मानते हैं कि सूर्योदय से पहले (ब्रह्ममुहूर्त में) उठकर 20-30 मिनट की सैर सबसे बड़ा हेल्थ टॉनिक है। यह छोटी-सी आदत दिमाग, शरीर और मूड, तीनों को सुपरचार्ज कर देती है।

ब्रह्ममुहूर्त क्या है और क्यों खास है?

ब्रह्ममुहूर्त सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच का समय है (सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पहले)। आयुर्वेद इसे “प्राण ऊर्जा का सबसे शुद्ध समय” कहता है। वातावरण में ऑक्सीजन लेवल पीक पर होता है, प्रदूषण न्यूनतम और नकारात्मक आयन्स भरपूर। विज्ञान कहता है – इसी समय नींद का हार्मोन मेलाटोनिन कम होता है और सतर्कता का हार्मोन कॉर्टिसोल बढ़ना शुरू होता है। नतीजा ये होता है कि शरीर खुद-ब-खुद जागने को तैयार हो जाता है।

ब्रह्ममुहूर्त में उठने से दिमाग को होने वाले फायदे

  • याददाश्त और फोकस 30-40% तक बढ़ जाता है।
  • सेरोटोनिन-डोपामाइन का लेवल हाई रहता है। पूरे दिन मूड अच्छा, पॉजिटिविटी बनी रहती है।
  • क्रिएटिविटी और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल शिखर पर होती है।
  • हार्वर्ड की स्टडी कही है कि इससे तनाव-अवसाद का खतरा 60% तक कम हो जाता है।

ब्रह्ममुहूर्त में उठने का शरीर पर जादुई असर

  • पाचन तंत्र सुबह सुबह रीसेट हो जाता है। कब्ज, गैस, एसिडिटी से मु्क्ति मिलती है।
  • फेफड़े 100% ऑक्सीजन लेते हैं, इम्यूनिटी बूस्ट होती है।
  • शुरुआती धूप से सुरक्षित विटामिन-D मिलता है। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं जोड़ों का दर्द गायब होता है।
  • ब्लड सर्कुलेशन बेहतर, ब्लड प्रेशर कंट्रोल, हार्ट अटैक का रिस्क 25% कम।
  • भूख के हार्मोन (घ्रेलिन-लेप्टिन) बैलेंस में रहते हैं। वजन कंट्रोल में रहता है।
  • त्वचा पर नैचुरल ग्लो आता है, मुहांसे-दाग कम होते हैं।

लंबे समय में मिलने वाले बड़े फायदे

रिसर्च बताती हैं कि जो लोग लगातार 5 साल तक सुबह 5 बजे तक उठते हैं, उन्हें:

  • टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 50% कम
  • डिप्रेशन का रिस्क 60% कम
  • हार्ट डिजीज का खतरा 30-40% कम
  • उम्र 7-8 साल तक बढ़ने की संभावना

क्या कहता है आयुर्वेद

इस समय वात-पित्त-कफ तीनों दोष संतुलित होते हैं। वात दोष शांत रहने से जोड़ों का दर्द, सिरदर्द, चिड़चिड़ापन कम होता है। प्राणवायु सबसे शुद्ध होती है, जिसे सांस के जरिए लेने से पूरा शरीर रिचार्ज हो जाता है।

कैसे डालें सूर्योदय से पहले उठने की आदत?

  • रात 10-10:30 बजे तक सोने की कोशिश करें।
  • पहला अलार्म 5 बजे का लगाओ, दूसरा 5:10 का।
  • बिस्तर पर ही 2 मिनट गहरी सांस लो, फिर उठो।
  • बाहर टहलने निकलो। पार्क में टहलें तो और भी बढ़िया।
  • 21 दिन लगातार करें, फिर बॉडी क्लॉक खुद सेट हो जाएगा।

ब्रह्ममुहूर्त में उठकर 30 मिनट की सैर कोई साधना नहीं, बल्कि सबसे आसान और सबसे पावरफुल हैक है जो आप अपनी सेहत, खुशी और सफलता के लिए कर सकते हो। आज से शुरू कर दो – 30 दिन बाद खुद फर्क महसूस करेंगे।

Suneet Singh
Suneet Singh author

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे ... और देखें

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