Good Habits Can Be Dangerous If Following Wrong
Good Habits Can Be Dangerous If Following Wrong: हममें से ज्यादातर लोग हेल्दी रहने के लिए रोज कुछ अच्छी आदतें अपनाते हैं जैसे ग्रीन टी पीना, फल खाना, जिम जाना या फिर 8 घंटे की नींद लेना। अब सोचिए, अगर यही आदतें आपको नुकसान पहुंचाने लगें तो? आयुर्वेद एक्सपर्ट और हेल्थ इन्फ्लुएंसर डॉ. दीक्षा भावसार (BAMS Ayurveda) बताती हैं कि 99% लोग रोज अपनी लाइफस्टाइल में कुछ ऐसी चीजें कर रहे हैं, जो देखने में भले हेल्दी लगती हैं, लेकिन अगर उन्हें गलत समय पर किया जाए तो शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। चलिए जानते हैं कौन-सी हैं ये आदतें और इन्हें सुधारने का सही तरीका क्या है।
हम सबने सुना है कि ग्रीन टी हेल्दी होती है, वेट लॉस में मदद करती है, स्किन के लिए अच्छी होती है और डाइजेशन भी ठीक रखती है। लेकिन डॉ. दीक्षा के मुताबिक, रात में ग्रीन टी पीना सही नहीं है क्योंकि इसमें कैफीन होता है।
कैफीन से नींद डिस्टर्ब हो सकती है और आयुर्वेद के अनुसार, अच्छी नींद (निद्रा) शरीर के लिए उतनी ही जरूरी है जितना अच्छा खाना और एक्सरसाइज। इसलिए अगर आपको अच्छी नींद चाहिए तो ग्रीन टी को शाम 6 बजे से पहले ही पीना बेहतर होगा।
वर्कआउट करना हेल्दी लाइफ का हिस्सा है, लेकिन सही समय पर। डॉ. डिक्षा कहती हैं कि शाम 6 बजे के बाद शरीर 'कफ काल' में होता है, यानी शरीर को अब रेस्ट की ज़रूरत होती है।
अगर आप इस समय जिम जाते हैं या हाई इंटेंसिटी वर्कआउट करते हैं, तो इससे स्ट्रेस हार्मोन (कॉर्टिसोल) बढ़ सकता है, जिससे नींद खराब होती है और पाचन भी गड़बड़ा सकता है। इसलिए एक्सरसाइज का सबसे अच्छा समय सुबह या फिर शाम 6 बजे से पहले तक है।
दही को हेल्दी माना जाता है, लेकिन डॉ. डिक्षा बताती हैं कि रात में दही खाना नुकसानदायक हो सकता है। इससे बलगम बनने लगता है, वजन बढ़ सकता है, और यहां तक कि डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ सकते हैं। दही ठंडी तासीर का होता है, इसलिए इसे दिन में खाना बेहतर होता है, खासकर दोपहर के समय।
फल विटामिन्स और फाइबर से भरपूर होते हैं, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार सुबह-सुबह खाली पेट सिर्फ फल खाना सही नहीं है। डॉ. दीक्षा कहती हैं कि फल ठंडे स्वभाव के होते हैं, जबकि सुबह के समय हमारे पाचन तंत्र को गर्म, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला खाना चाहिए ताकि दिनभर एनर्जी बनी रहे। इसलिए फल को स्नैक की तरह दिन में लिया जा सकता है, लेकिन नाश्ता हल्का-गर्म और सुपाच्य होना चाहिए।
अक्सर लोग सोचते हैं कि चाहे जब सोएं, बस 8 घंटे की नींद मिल जाए तो काफी है। लेकिन डॉ. डिक्षा के मुताबिक, नींद का समय उससे कहीं ज्यादा मायने रखता है। आयुर्वेद कहता है कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच की नींद सबसे ज्यादा लाभदायक होती है। अगर आप रात 12 बजे या उसके बाद सोते हैं, तो आपकी बॉडी क्लॉक डिस्टर्ब होती है, जिससे मेटाबॉलिज्म, पाचन और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।
डॉ. दीक्षा साफ कहती हैं कि हेल्दी लाइफस्टाइल सिर्फ अच्छी चीजें करने से नहीं बनती, बल्कि उन्हें सही समय और तरीके से करने से बनती है। तो अगर आप भी इन आदतों को फॉलो करते हैं, तो एक बार समय और तरीका जरूर जांचें। वरना फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, सही आदतें तभी असर करती हैं जब हम उन्हें प्राकृतिक नियमों के हिसाब से अपनाते हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। हेल्थ (Health News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।