How Fasting Is Beneficial For The Body: क्या आप जानते हैं कि जब हम कुछ समय के लिए भोजन नहीं करते या उपवास रखते हैं, तो हमारा शरीर खुद को साफ करने की प्रक्रिया शुरू कर देता है? आपको सुनने में थोड़ा अटपटा लग सकता है, लेकिन वास्तव में यह शरीर की सफाई करने की बॉडी की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसे ऑटोफैगी (Autophagy) कहा जाता है। यह एक प्राकृतिक मरम्मत प्रणाली की तरह काम करता है, जो हमारी पुरानी, डैमेज और हानिकारक कोशिकाओं को तोड़कर उन्हें फिर से उपयोगी बनाने का काम करता है। इस प्रक्रिया के दौरान शरीर उन कोशिकाओं को भी खत्म करता है, जो कैंसर या अल्जाइमर जैसी बीमारियों का कारण बन सकती हैं। मोटापा कम करने की भी यह एक बेहतरीन तरीका है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर ऑटोफैगी कैसे काम करती है और इसे कैसे एक्टिव कर सकते हैं, यहां जानें इसके बारे में सबकुछ..
ऑटोफैगी क्या है - What Is Autophagy In Hindi
ऑटोफैगी ग्रीक शब्दों 'Auto' (स्वयं) और 'Phagy' (भक्षण) से बना है, जिसका अर्थ है "स्वयं को खाना"। इसका मतलब यह है कि जब शरीर को लंबे समय तक भोजन नहीं मिलता, तो यह अपनी पुरानी और बेकार कोशिकाओं को तोड़कर नई और स्वस्थ कोशिकाओं के निर्माण के लिए उनका पुन: उपयोग करता है। यह शरीर की एक प्राकृतिक डिटॉक्स प्रक्रिया है, जो कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने में मदद करती है। ऑटोफैगी की यह महत्वपूर्ण खोज डॉ. योशिनोरी ओसुनी (Dr. Yoshinori Ohsumi) ने की थी, जिसके लिए उन्हें 2016 में फिजियोलॉजी या मेडिसिन के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह साबित करता है कि हमारा शरीर खुद को साफ और स्वस्थ रखने की अद्भुत क्षमता रखता है।
फास्टिंग ऑटोफैगी एक्टिव करने में कैसे करती है मदद
आपको बता दें कि ऑटोफैगी एक्टिवेट करने का सबसे आसान तरीका है उपवास रखना है। इंटरमिटेंट फास्टिंग इसके लिए एक बेहतरीन तरकीब है। इसमें रुक-रुक कर उपवास करने और लंबे समय तक भोजन न करने से ऑटोफैगी एक्टिव होती है।
ऑटोफैगी कैसे काम करती है?
जब शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा का नया स्रोत नहीं मिलता, तो यह पुरानी और डैमेज कोशिकाओं को ऊर्जा के रूप में उपयोग करता है।
- यह प्रक्रिया बेकार और हानिकारक कोशिकाओं को नष्ट करती है।
- नई और स्वस्थ कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा देती है।
- कैंसर, अल्जाइमर और अन्य बीमारियों के जोखिम को कम करती है।
- शरीर की इम्यूनिटी और मेटाबॉलिज्म को मजबूत बनाती है।
- वजन कंट्रोल रखने में मदद करती है।
ऑटोफैगी एक्टिव करने के अन्य तरीके
कम कार्ब और कीटोजेनिक डाइट: यह शरीर को प्राकृतिक रूप से सफाई करने में मदद करती है।
एक्सरसाइज और वर्कआउट: नियमित व्यायाम कोशिकाओं को मजबूती देने और ऑटोफैगी को ट्रिगर करने में सहायक होता है।
पर्याप्त नींद: अच्छी नींद के दौरान शरीर खुद को रिपेयर और डिटॉक्स करता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
