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Eye Palming: रील देख कर थक गई हैं आंखें तो ट्राई करें 'आई पामिंग', एक मिनट में दूर होगी थकान

भारत सरकार का आयुष मंत्रालय 'आई पामिंग' को आंखों की थकान को दूर करने का सबसे आसान और असरदार इलाज बताता है। यह प्राचीन योग तकनीक बिना किसी खर्च के घर बैठे ही आंखों को तुरंत राहत देती है।

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रील देख कर थक गई हैं आंखें तो ट्राई करें 'आई पामिंग', एक मिनट में दूर होगी थकान (Photo: iStock)

ऑफिस में कंप्यूटर के सामने घंटों बैठना हो या मोबाइल, लैपटॉप और टीवी की स्क्रीन के सामने आंखों में जलन, लालिमा और भारीपन होना आम सी बात हो गई है। ऐसे में बेहद सरल आई पामिंग के अभ्यास से आंखों की थकान को दूर किया जा सकता है।

भारत सरकार का आयुष मंत्रालय 'आई पामिंग' को आंखों की थकान को दूर करने का सबसे आसान और असरदार इलाज बताता है। यह प्राचीन योग तकनीक बिना किसी खर्च के घर बैठे ही आंखों को तुरंत राहत देती है।

आई पामिंग करने से स्क्रीन की नीली रोशनी से होने वाला तनाव कम होता है। आंखों की थकी हुई मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं, सिरदर्द और माथे का भारीपन दूर होता है। इसके नियमित अभ्यास से आंखें स्वस्थ रहती हैं। साथ ही रात में अच्छी नींद आती है। बच्चे हों या बड़े, हर उम्र के लोग इसे आसानी से कर सकते हैं, यह हर आयु वर्ग के लिए सुरक्षित है।

इसे करने का तरीका बेहद सरल है। इसके लिए सबसे पहले आराम से सीधे बैठ जाएं। दोनों हथेलियों को आपस में तेजी से रगड़कर गर्माहट लाएं। आंखें पूरी तरह बंद कर लें। अब हथेलियों को कप जैसा गोल करके आंखों पर इस तरह रखें कि कोई दबाव न पड़े, नाक को सांस लेने की पूरी जगह मिले और चारों तरफ से रोशनी न आए। कोहनी को टेबल या घुटनों पर टिका लें, ताकि हाथ न थके। कंधे और चेहरे को ढीला छोड़कर धीमी-गहरी सांस लें और दिमाग में सिर्फ गहरा काला रंग देखने की कोशिश करें। बस 1 से 5 मिनट तक ऐसा करें।

दिन में तीन-चार बार पामिंग करने से कुछ ही हफ्तों में आंखों की सेहत में सुधार दिखने लगता है। ऑफिस में ब्रेक के दौरान, बच्चों को पढ़ाई के बाद या रात को सोने से पहले इसका अभ्यास कभी भी किया जा सकता है।

(इनपुट-आईएएनएस)

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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