Relation Between Work And Health : सोशल मीडिया हो या मेन स्ट्रीम मीडिया सभी जहर पुणे के निजी संस्थान में काम करने वाली लड़की की मौत की चर्चा जोरों पर है। जिसका कारण उस लड़की की मौत के बाद उसकी मां ने कंपनी के नाम लिखा एक लेटर है। दरअसल एनी नाम की एक 26 साल की लड़की की नौकरी जॉइन करने के केवल 4 महीने बाद ही मौत हो गई। जिससे जुड़ा एक लेटर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। लड़की की मां ने लिखे इस लेटर में बताया कि वह जॉइनिंग के बाद से ही लगातार काम का दबाव महसूस कर रही थी। इसके साथ ही उसने लिखा कि यह दबाव धीरे-धीरे इतना बढ़ा कि काम के दबाव के चलते उसका जान ही चली गई। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से यह बताने जा रहे हैं कि कैसे काम के दबाव को दूर करते हुए आप आप काम और सेहत के बीच सामंजस्य बना कर रख सकते हैं।
काम के साथ सेहत का भी ख्याल
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो काम के चलते बढ़ने वाला मानसिक तनाव धीरे-धीरे हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर असर डालने लगता है। जैसा कि पुणे के इस मामले में दावा किया जा रहा है कि काम के दबाव में लड़की की मौत हुई है। जो हमारे बदलते वर्क कल्चर का एक गंभीर रूप है। आज आर्थिक युग में अधिक पैसा कमाने की होड़ में लगी निजी कंपनियां कर्मचारियों से ज्यादा काम कराती हैं। जिसका असर उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर दिखाई देता है।
ऐसे बनाएं काम और सेहत के बीच संबंध
- काम के दौरान होने वाले बर्नआउट को रोकने के लिए अपने काम के घंटे तय करें। जिसके बाद काम से ब्रेक जरूर लें।
- हमेशा ध्यान रखें कि एक दिन के लिए तय काम से ज्यादा काम करने की कोशिश न करें।
- काम के दौरान होने वाली एंग्जायटी को दूर करने के लिए काम के बीच में 10-10 मिनट के गैप जरूर लें।
- इस गैप में आप डीप ब्रीदिंग और आंख बंद कर कुछ देर ध्यान में बैठ सकते हैं।
- रोजाना एक्सरसाइज को जीवन का हिस्सा जरूर बनाएं क्योंकि एक्सरसाइज हमारे शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन को बढ़ाता है, जो हमारे तनाव को कम करने का काम करता है।
- काम के दौरान बहुत देर तक अकेले रहने की आदत न डालें, अपने साथियों के साथ हंसी मजाक करते हुए काम करने की आदत बनाएं।
