हेल्थ

किस विटामिन की कमी से कमजोर होने लगती हैं नसें, कांपने लगता है शरीर का एक-एक अंग

शरीर के लिए कई तरह के पोषक तत्व जरूरी होते हैं, जिसमें प्रोटीन, मिनरल्स और विटामिन शामिल हैं। इनमें से किसी भी चीज की कमी होने पर आपके शरीर में अलग-अलग परेशानियां दिखने लगती हैं। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे विटामिन-बी12 की कमी के कारण हमारा शरीर कांपने लगता है।

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नसों की कमजोरी का कारण (Photo - Canva)

हमारे शरीर की दैनिक गतिविधियां, जैसे चलना, बोलना, सोचना या महसूस करना हैं। ये सभी काम हम नर्वस सिस्टम यानी तंत्रिका तंत्र के द्वारा कर पाते हैं। यही कारण है कि तंत्रिका तंत्र हमारे लिए काफी अहम पार्ट होता है। यही कारण है कि तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए कई पोषक तत्वों की जरूरत होती है।लेकिन इन सभी पोषक तत्वों में विटामिन B12 सबसे अहम होता है। शरीर में विटामिन-बी12 की कमी होने पर हमारी नसें कमजोर होने लगती हैं। आइए जानते हैं इसके इफेक्ट और पूर्ति के उपाय...

विटामिन-बी12 का शरीर पर असर

शरीर में यदि विटामिन-बी12 की कमी हो जाए तो इससे आपको कई तरह की परेशानियां महसूस हो सकती हैं। जिसमें नसों की कमी काफी अहम है, क्योकि इसका असर आपके पूरे शरीर पर दिखता है। विटामिन-बी12 की कमी के कारण हाथों और पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन, कमजोरी, चलने में असंतुलन और यहां तक कि याददाश्त कमजोर होना जैसे लक्षण नजर आने लगते हैं। आइए जानते हैं विटामिन-बी 12 की पूर्ति के उपाय...

विटामिन B12 की कमी कैसे पूरी करें?

शरीर में विटामिन B12 की पूर्ति के लिए अपने खानपान में बदलाव करना जरूरी है। हालांकि विटामिन-बी12 के मुख्य सोर्स सभी नॉनवेज हैं, लेकिन कुछ वेज फूड्स में भी इसकी मात्रा पाई जाती है। जैसे: दूध और दूध से बने प्रोडक्ट्स (दही, पनीर, चीज) इसके अलावा आप अंडे,मछली और चिकन, रेड मीट आदि को डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। वहीं शाकाहारी लोग फोर्टिफाइड फूड्स (जैसे B12 से समृद्ध अनाज और सोया मिल्क) का सेवन कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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