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नॉर्मल नहीं है बार-बार मुंह का सूखना, बीमारियों का घर बन जाएगी बॉडी, जानें बचाव और उपचार

मुंह के सूखने को हल्के में नहीं लेना चाहिए। सही समय पर ध्यान देकर और आयुर्वेदिक उपाय अपनाकर इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है। अगर आराम न मिले, तो विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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मुंह सूखना सिर्फ डिहाइड्रेशन नहीं, गंभीर रोगों का संकेत भी, आयुर्वेद से जानें समाधान (Photo: iStock)

क्या बार-बार आपका मुंह सूखता है? क्या आपको बार-बार प्यास लगती है? अगर जवाब हां है तो सावधान हो जाएं। अकसर लोग इसे मौसम, कम पानी पीने या थकान का असर मानकर नजरंदाज कर देते हैं, लेकिन यह आदत कई बार किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकती है। आयुर्वेद में इस स्थिति को “मुख शोष” कहा गया है और इसे शरीर के आंतरिक असंतुलन से जोड़कर देखा जाता है।

मुंह सूखने के नुकसान

आयुर्वेद के अनुसार, मुंह का सूखना वात और पित्त दोष के असंतुलन, पाचन अग्नि की कमजोरी और रस धातु की कमी का संकेत हो सकता है। लार केवल मुंह को गीला रखने का काम नहीं करती, बल्कि भोजन के पाचन, दांतों की सुरक्षा और संक्रमण से बचाव में भी अहम भूमिका निभाती है। जब लार कम बनने लगती है, तो इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है।

वात दोष बढ़ने से शरीर में रूखापन आता है, पित्त दोष बढ़ने से जलन होती है और अग्नि दोष के कारण पाचन कमजोर पड़ जाता है। चरक संहिता में बताया गया है कि रस धातु के क्षीण होने से थकान, कब्ज, मुंह की बदबू, आवाज का बैठना और बार-बार संक्रमण की समस्या हो सकती है। इसके सामान्य लक्षणों में होंठ और जीभ का सूखना, स्वाद में कमी, बार-बार पानी पीने की इच्छा और बोलते समय गले में खराश शामिल हैं।

क्यों सूखता है मुंह

आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी मानता है कि मुंह सूखने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। जैसे शरीर में पानी की कमी, ज्यादा चाय-कॉफी या शराब का सेवन, तंबाकू, तनाव, नींद की कमी और कुछ दवाओं का लंबे समय तक उपयोग। रात में मुंह सूखना डायबिटीज या स्लीप एप्निया का संकेत भी हो सकता है।

मुंह सूखने का उपचार

आयुर्वेद इस समस्या के लिए सरल और प्राकृतिक उपाय सुझाता है। सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच देसी घी लेने से रस धातु को पोषण मिलता है। मुलेठी चूर्ण को शहद के साथ चूसने से लार का स्राव बढ़ता है। तेल कुल्ला यानी 5–7 मिनट तक मुंह में तेल घुमाने से लार ग्रंथियां सक्रिय होती हैं। आंवला रस, सौंफ-धनिया का पानी और नारियल पानी भी लाभकारी माने जाते हैं।

आयुर्वेदाचार्यों का कहना है कि मुंह के सूखने को हल्के में नहीं लेना चाहिए। सही समय पर ध्यान देकर और आयुर्वेदिक उपाय अपनाकर इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है। अगर आराम न मिले, तो विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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