गर्मी का प्रकोप अपने चरम पर है, ऐसे में जरूरी है कि आप बाहर निकलते समय खुद की पूरी सुरक्षा करें। लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स गर्मियों में भी थोड़ी देर सूरज की रोशनी में रहने की सलाह देते हैं। क्योंकि शरीर के लिए बेहद जरूरी विटामिन-डी के लिए हमें सूरज की रोशनी में रहना जरूरी होता है। सूरज की हानिकारक किरणों से अपना बचाव करने के लिए लोगो को अक्सर सनस्क्रीन लगाने की सलाह दी जाती है। लेकिन क्या आपको भी लगता है कि सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने से आपके शरीर में विटामिन-डी की कमी हो सकती है? क्योंकि सनस्क्रीन धूप से हमारी त्वचा का बचाव करने के लिए एक सुरक्षा परत का निर्माण करती है। क्या सनस्क्रीन लगाने से शरीर में विटामिन-डी कम होता है, इस सवाल का जवाब लेने के लिए हमने बात की अमृता अस्पताल, फरीदाबाद की सीनियर कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजी डॉ. विचित्रा शर्मा से...
सनस्क्रीन का विटामिन-डी पर असर?
डॉ. विचित्रा शर्मा कहती हैं कि एक त्वचा विशेषज्ञ के रूप में, यह एक बहुत ही सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण सवाल है जो मुझसे पूछा जाता है। यह सवाल भारत जैसे देश में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जहाँ सूरज की रोशनी भरपूर मात्रा में है, लेकिन टैनिंग और पिगमेंटेशन का डर भी रहता है। डॉ. विचित्रा शर्मा के मुताबिक, सनस्क्रीन हमारी त्वचा को हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों, विशेष रूप से UVA और UVB से बचाने के लिए डिजाइन किया गया है। जो त्वचा को नुकसान पहुँचाने, समय से पहले बूढ़ा होने और स्किन कैंसर के जोखिम को बढ़ाने के लिए जानी जाती हैं। लेकिन UVB किरणें त्वचा में विटामिन डी के संश्लेषण को शुरु करने के लिए भी जिम्मेदार हैं। इसलिए यदि स्किन पर UVB किरणों को रोका जाएगा तो स्वाभाविक है कि आपके शरीर में विटामिन-डी का स्तर भी कम हो सकता है।

sunscreen
कितना होता है असर?
डॉ. विचित्रा शर्मा कहती हैं कि कुछ लोग विटामिन-डी की कमी के लिए सनस्क्रीन को बहुत ज्यादा जिम्मेदार ठहराते हैं, जबकि वास्तविक दुनिया के साक्ष्य बताते हैं कि इसके कारण होने वाली कमी काफी कम है। क्योंकि अधिकांश लोग सनस्क्रीन को उतनी अच्छी तरह या उतनी बार नहीं लगाते जितना कि अध्ययनों के आंकड़ों में माना जाता है। लोग अक्सर गर्दन, कान जैसे क्षेत्रों को छोड़ देते हैं, जो सूर्य के संपर्क में आने के लिए सामान्य जगह हैं।
क्या है एक्सपर्ट की राय?
डॉ. विचित्रा शर्मा की मानें तो सनस्क्रीन के साथ भी कुछ UVB किरणें त्वचा में प्रवेश कर सकती हैं। खासकर यदि सनस्क्रीन SPF 50 से कम हो तो इसका इस्तेमाल कम से कम 2 घंटे बाद ही करना चाहिए। इसके अलावा, सुरक्षित धूप में रहना। जैसे कि सुबह जल्दी 20 मिनट के आसपास खुले हाथों और पैर धूप में रहना पर्याप्त विटामिन डी संश्लेषण के लिए काफी होता है। इसके अलावा आप हल्का सनस्क्रीन लगाकर दोपहर के समय खुली धूप में थोड़ी देर निकल सकते हैं। इसके अलावा विटामिन डी की कमी की को पूरा करने के लिए हम सनस्क्रीन से बचने की जगह डॉक्टर की सलाह और हेल्दी आहार स्रोतों का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं।

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निष्कर्ष
विटामिन-डी की महत्वत्ता समझते हुए सनस्क्रीन लगाना चाहिए या नहीं? इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. विचित्रा शर्मा कहती हैं कि इस विषय का संक्षिप्त उत्तर है हाँ, सनस्क्रीन विटामिन डी के उत्पादन को थोड़ा कम कर सकता है, लेकिन इतना नहीं कि रोजाना रूप से धूप में रहने वाले लोगों में इसकी सनस्क्रीन के कारण विटामिन-डी की कमी हो जाए। हालांकि आपको खुद को अल्ट्रावायलेट किरणों से खुद की सुरक्षा जरूर करनी चाहिए।
