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समय से पहले जन्मा दीपिका-शोएब का नन्हा शहज़ादा, देखें Premature Delivery का मतलब और कारण क्या है?

  • Authored by: अवनी बागरोला
  • Updated Jun 22, 2023, 02:57 PM IST

Premature Delivery (प्रीमैच्योर डिलीवरी क्या है): हर औरत के लिए मां बनना बहुत खास होता है। गर्भावस्था के पूरे सफर में, मां और बच्चे दोनों की ही सेहत का खूब ध्यान रखना होता है, अथवा गर्भपात होने से लेकर प्रीमैच्योर डिलीवरी तक की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। देखें समय से पहले बच्चा होने की वजह और कॉम्पलीकेशन्स क्या है।

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Dipika kakar shoaib ibrahim welcomes premature baby boy know premature delivery meaning and causes

Causes of premature delivery meaning: मां बनने की खबर आने से लेकर प्रेगनेंसी की पूरी जर्नी की तुलना किसी और दूसरे एहसास से नहीं की जा सकती है। हर मां की जिंदगी में गर्भावस्था का समय बहुत ही खास होता है, हालांकि इन दिनों महिलाओं को गर्भधारण करने से लेकर हेल्दी प्रेगनेंसी में भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्रेगनेंट औरतों का सही तरीके से ध्यान न रखने पर हेल्दी बेबी को जन्म देने में बहुत समस्या आती है। ऐसी ही एक समस्या है समय से पहले बच्चे का जन्म हो जाने की, जिसके कारण बेबी का शरीर और दिमाग सही से विकसित नहीं होता है।

हाल ही मैं ससुराल सिमर का फेम 36 साल की दीपिका कक्कड़ के आंगन में भी नन्हे शहज़ादे का प्रीमैच्योर डिलीवरी से जन्म हुआ। दीपिका और शोएब के घर शादी के 5 साल बाद किलकारियां गूंजी हैं। वहीं दीपिका को ड्यू डेट के पहले ही अस्पताल ले जाना पड़ा था। दीपिका की तरह ही आजकल कई ऐसी महिलाएं हैं, जिनको कंसीव करने से लेकर प्रीमैच्योर डिलीवरी होने तक की समस्या का सामना करना पड़ता है। हालांकि सवाल ये है कि, प्रीमैच्योर डिलीवरी होती क्या है? और इस तरह के जन्म के पीछे कारण क्या होते हैं?

Premature Delivery Meaning, प्रीमैच्योर डिलीवरी क्या है?

इन दिनों कई सारे बाहरी और आंतरिक कारणों की वजह से महिलाओं को प्रीमैच्योर डिलीवरी का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ ने भी ड्यू डेट से पहले ही बेबी बॉय को जन्म दिया। बता दें कि हेल्दी प्रेगनेंसी का निर्धारित समय 40 सप्ताह के बीच का होता है। वहीं अगर ये समय पूरा होने से पहले ही बच्चा पैदा हो जाए, तो इसे प्रीमैच्योर डिलीवरी कहा जाता है। प्रीमैच्योर डिलीवरी के कारण न्यू बॉर्न बेबी के शरीर और दिमाग का विकास सही तरीके से नहीं हो पाता है। जिसके कारण बच्चे को पूरी जिंदगी छोटी बड़ी कॉम्पलीकेशन्स का सामना करना पड़ सकता है। इन दिनों प्रीमैच्योर डिलीवरी के केसेस बहुत आम हो गए हैं, और ऐसा होने के पीछे कई गंभीर कारण हो सकते हैं।

Causes of Premature Delivery, प्रीमैच्योर डिलीवरी के कारण क्या हैं

वैसे तो मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक हर महिला के शरीर की बनावट और हार्मोन्स के कारण प्रीमैच्योर डिलीवरी का कोई एक कारण नहीं होता है। जिस वजह से समय से पहले बच्चे का जन्म हो जाने का कोई निश्चित कारण नहीं है, हालांकि निम्न कुछ ऐसे मुख्य कारण हैं। जिनकी वजह से प्रीमैच्योर डिलीवरी की समस्या बहुत हद तक बढ़ सकती है। इसी के साथ ये समझना भी जरूरी है कि, कारण कुछ भी हो प्रीटर्म डिलीवरी से बच्चे और मां दोनों की ही सेहत पर बहुत नकारात्मक असर पड़ता है।

  • महिला के गर्भ में ट्विन्स का होना।
  • गर्भवती महिला का पहले से किसी प्रकार के रोग से संक्रमित होना या फिर बेबी का संक्रमित होना।
  • पहले भी अगर महिला की कोई प्रेगनेंसी फेल हुई हो, तो दोबारा ऐसा होने की संभावना अधिक होती है।
  • गर्भवती महिला की उम्र 34 साल से ज्यादा हो, तो बच्चादानी कमज़ोर होने का रिस्क ज्यादा होता है।
  • महिला अंडरवेट या ओवरवेट हो, तो ऐसे में भी प्रेगनेंसी बिगड़ सकती है।
  • प्रेगनेंट महिला को अगर डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, दिल की कोई बीमारी, किडनी या लीवर को रोग है। तो ऐसी स्थिति में भी बच्चे की सेहत खराब होने और प्रीमैच्योर डिलीवरी होने का खतरा अत्यधिक होता है।
  • गर्भावस्था में शराब, सिगरेट, ड्रग्स, अत्यधिक कॉफी या कोई और हानिकारक पदार्थ का सेवन करने से भी बच्चे का जन्म समय से पहले हो सकता है।
इन कारणों के साथ साथ अगर गर्भावस्था में महिलाएं बहुत तनाव या चिंता का अनुभव कर रही हैं। दो प्रेगनेंसी में कम अंतर होता है, यूट्रस, सर्विक्स में किसी तरह का कोई इंफेक्शन या दिक्कत हो। तो ऐसे में भी मां और बच्चे की सेहत पर खराब असर होता है। और प्रीमैच्योर डिलीवरी से लेकर मिसकैरेज तक की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
अवनि बागरोला
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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