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Arthritis: अर्थारइटिस के मरीजों का ऐसा होना चाहिए डाइट प्लान, कम होगा यूरिक एसिड

  • Edited by: प्रणव मिश्र
  • Updated Apr 20, 2023, 10:43 AM IST

How To Lower Uric Acid Naturally: गठिया के मरीजों में यूरिक एसिड का बढ़ना आम बात है। ऐसे में मरीजों को अपने खानपान को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत होती है। चूंकि बहुत से ऐसे फूड्स होते हैं जिनमें प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है जो यूरिक एसिड बढ़ाने का काम करते है। आइये जानते हैं किन फूड्स को डाइट में शामिल करना चाहिए -

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How to Reduce Uric Acid: यूरिक एसिड को हमेशा के लिए कैसे ठीक करें?

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How to Low Uric Acid Naturally in Hindi: यूरिक एसिड ब्लड में पाया जाने वाला एक अपशिष्ट उत्पाद है जो शरीर में प्यूरीन के टूटने के बाद उत्पन्न होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो यूरिक एसिड को कम करने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है। इसके साथ ही डाइट में सभी जरूरी पोषक तत्वों को शामिल करना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और स्वस्थ फैटी एसिड, विटामिन और खनिज आवश्यक हैं। इस स्थिति में ज्वार का आटा भी बहुत उपयोगी होता है क्योंकि इसमें बहुत अधिक फाइबर होता है।

जिन लोगों के ब्लड में यूरिक एसिड का लेवल अधिक होता है उनके लिए पौष्टिक भोजन (Which food can reduce uric acid?) खोजना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में उन्हें सख्त डाइट रूटीन फॉलो करना चाहिए और मांस, मछली, दालें और पालक जैसी चीजें खाने से बचना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन फूड्स (What foods cause high uric acid?) को नहीं खाया जा सकता क्योंकि इनमें प्यूरीन की मात्रा ज्यादा होती है।

गठिया से पीड़ित लोगों को मांस (प्रोटीन) खाने की बजाय हाई फाइबर डाइट पर ध्यान देना चाहिए। फाइबर युक्त फूड्स (Which vegetable is good for uric acid?) जैसे साबुत गेहूं, ज्वार और सब्जियां अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं। ज्वार का आटा फाइटोकेमिकल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, यह गठिया की सूजन को कम करने में मदद करता है।

आहार में शामिल करें बाजरी और ज्वार

गठिया के मरीजों का डाइट प्लान बेहद सख्त होना चाहिए। ऐसे में ध्यान रखना चाहिए कि मरीज उन्हीं फूड्स का सेवन करें जिनमें प्यूरीन की मात्रा कम हो। डाइट में चावल, बाजरा और ज्वार शामिल कर सकते हैं क्योंकि ये हाइपरयूरिसीमिया को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इन्हें अपने डेली डाइट में शामिल करने से आपको दिल का दौरा, स्ट्रोक, टाइप 2 मधुमेह (Heart Attack, Stroke, Type 2 Diabetes) और मोटापे के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस तरह की डाइट को फॉलो करने से शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और शरीर में यूरिक एसिड का लेवल कंट्रोल में रहता है।

हड्डियों को मजबूत बनाने में भी योगदान देता है ज्वार

यूरिक एसिड के मरीजों में हड्डियों की समस्या होती है क्योंकि एसिड के कारण गाउट (Gout Diet Plan) होता है, जिसमें जोड़ों में ठोस क्रिस्टल बन जाते हैं। इसलिए गेहूं के आटे की जगह ज्वार के आटा का सेवन करना चाहिए। ज्वार में फास्फोरस भरपूर मात्रा में होता है। जो कैल्शियम के साथ मिलकर हड्डियों को बनाने का काम करता है। इसके अतिरिक्त, ज्वार का आटा उन लोगों के लिए एक बढ़िया विकल्प है जो ग्लूटेन फ्री आटा खाना चाहते हैं।

विटामिन बी1 से भरपूर

ज्वार के आटे में विटामिन बी1 होता है, जो ग्लूकोज के मेटाबॉलिज्म के लिए आवश्यक है। ऐसे में आपके द्वारा खाये जाने वाले फूड्स को एनर्जी में कन्वर्ट करके एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट में बदल देता है। यह बेहद धीमी स्पीड के साथ रिलीज होने वाला रजिस्टेंस स्टार्च है, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल (Blood Sugar Control) करने में भी मदद करता है। इसके अलावा, यह आंत में बहुत धीरे-धीरे घुलता है।

फाइबर से भरपूर होता है ज्वार

ज्वार में ढेर सारा फाइबर (Fiber Diet Plan) होता है, जो पाचन तंत्र के सुचारू संचालन में मदद करता है। पाचन क्रिया को मजबूत करने के लिए इसे दुनिया में सबसे बेहतरीन फूड के तौर पर जाना जाता है। यह एक ग्लूटेन फ्री फूड्स आंतों के लिए भी अच्छा होता है; क्योंकि यह डेली फाइबर की जरूरत का 48 प्रतिशत हिस्सा पूरा करता है। इसके अलावा डाइट में ज्वार को नियमित रूप से शामिल करने से पेट फूलना, कब्ज, दस्त, अपच और पाचन संबंधी अन्य समस्याओं को ठीक करने में मदद मिल सकती है।

प्रणव मिश्र
प्रणव मिश्रauthor

मीडिया में पिछले 5 वर्षों से कार्यरत हैं। इस दौरान इन्होंने मुख्य रूप से टीवी प्रोग्राम के लिए रिसर्च, रिपोर्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम किया है। इससे पहले जनसत्ता, लोकसभा टीवी/संसद टीवी, पेबेल मीडिया नेटवर्क, टाइम 8, डीडी न्यूज़ के लिए काम कर चुके हैं। इस समय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पेशल करेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत हैं।

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