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Sleeping Cycle Time: डायबिटीज टाइप 2 का कारण बन सकता है देर रात तक मोबाइल पर चलाना

  • Produced by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 13, 2022, 10:13 AM IST

Sleeping Cycle Time: रात में देर तक जागना और सुबह देर तक सोते रहना कई क्रॉनिक बीमारियों जैसे डायबिटीज और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है। फैट बर्न कर उसे एनर्जी में बदलने की क्षमता कम हो जाती है और शख्स आसानी से मोटापे का शिकार हो जाते हैं। देर रात तक जागने वाले लोगों टाइप 2 डायबिटीज और हार्ट डिजीज का खतरा ज्यादा होता है।

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स्लीपिंग साइकिल का पालन नहीं करने पर क्रॉनिक डिजीज का बढ़ जाता है खतरा

KEY HIGHLIGHTS
  • देर रात तक जागने वालों को टाइप 2 डायबिटीज और हार्ट डिजीज का खतरा
  • शरीर में फैट बर्न कर उसे एनर्जी में बदलने की क्षमता हो जाती है कम
  • एक्टिव रहकर, बैलेंस डाइट लेकर और समय पर सो करें स्लीप साइकिल सही

Diabetes and Sleep Disorders: युवाओं में देर रात तक जागना और सुबह देर सोने का प्रचलन इन दिनों काफी बढ़ गया है। किसी को देर रात पढ़ाई करनी होती है तो कोई सोशल मीडिया पर दोस्तों से चैट करते हैं। मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने वालों का वर्किंग ऑवर ही देर रात तक चलता रहता है। यानी देर से सोने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। काम के लिए जागना तो अलग बात है, लेकिन अगर केवल सोशल मीडिया के चक्कर में सोने और जागने का साइकिल बिगाड़ रहे हैं तो सावधान हो जाएं। रात देर तक जागना और सुबह देर तक सोते रहना कई क्रॉनिक

बीमारियों जैसे डायबिटीज और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है। एक्सपेरिमेंटल फिजियोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार सुबह जागने वालों के शरीर में फैट आसानी से एनर्जी में बदल जाता है जबकि देर रात तक जागने वाले लोगों में फैट बर्न कर उसे एनर्जी में बदलने की क्षमता कम हो जाती है जिससे वे आसानी से मोटापे का शिकार हो जाते हैं। रिसर्च के अनुसार इसके कारण टाइप 2 डायबिटीज और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि ये जरूरी नहीं है कि देर रात तक जागना ही क्रॉनिक बीमारियों का एकमात्र कारण हो।

सही समय पर सोना और जागना सेहत लिए बहुत अहम है। रटगर्स यूनिवर्सिटी में मेटाबॉलिज्म एंड एंडोक्रिनोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर और इस स्टडी के लेखक स्टेवन मर्लिन के अनुसार स्लीप प्रिफरेंस की मदद से हेल्दी लाइफस्टाइल का चुनाव कर कई बीमारियों से बचे रहने की संभावना बढ़ सकती है।

कैसे रखें स्लीप साइकिल सही

हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए स्लीप साइकिल सही रखना जरूरी है। स्टेवन मर्लिन सलाह देते हैं कि इस लिए एक्टिव रहना, बैलेंस डाइट लेना और समय पर सोना जरूरी है। बैलेंस डाइट लेने के कारण देर रात में खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। समय पर सोने से अगले दिन का काम समय पर समाप्त होगा और रात में जाग कर काम नहीं करना पड़ेगा।

ये उपाय करेंगे स्लीप साइकिल सही रखने में मदद

लो कार्बोहाइड्रेट वाला संतुलित आहार

नियमित एक्सरसाइज और एक्टिव जीवनशैली

खाना खाने के बाद 10 से 15 मिनट वॉक करना सही रहेगा

शाम ढलने के बाद बहुत विगरस एक्टिविटी न करें

उजाले और अंधेरे का है नींद का संबंध

मानव जीवन में सर्कैडियन रिदम महत्वपूर्ण है। 24 घंटे का यह साइकिल उजाले और अंधेरे से संचालित होता है। अंधेरा होते ही नींद के लिए जिम्मेदार पीनियल ग्लैंड हार्मोन रिलीज करना शुरू कर देती है जबकि सूर्य प्रकाश के आते ही हार्मोन रिलीज करना कम कर देती है। इस साइकिल का पालन नहीं करने से सेहत पर खराब असर पड़ता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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