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आपकी रोज की ये गलत आदतें बना सकती हैं गठिया का मरीज, 90% लोगों की जीवनशैली का हैं हिस्सा, आज ही लें सुधार

Daily Lifestyle Habits That Increase Arthritis Risk: गठिया की शुरुआत आपकी कुछ आम और रोज की आदतों से भी हो सकती है, जो 90% लोगों की लाइफस्टाइल में शामिल हैं। ये आदतें धीरे-धीरे जोड़ों को कमजोर बनाती हैं और आर्थराइटिस की वजह बन सकती हैं। जानिए कौन-सी हैं ये गलतियां और कैसे आप समय रहते खुद को बचा सकते हैं।

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Daily Lifestyle Habits That Increase Arthritis Risk

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Daily Lifestyle Habits That Increase Arthritis Risk: क्या आपको अक्सर जोड़ों में हल्का-फुल्का दर्द या अकड़न महसूस होती है और आप इसे नजरअंदाज कर देते हैं? तो जरा रुकिए! हो सकता है ये आपकी रोज की कुछ छोटी-छोटी गलत आदतों की वजह से हो रहा हो। रिसर्च कहती है कि 90% लोग बिना सोचे-समझे कुछ ऐसी आदतें अपनाते हैं, जो धीरे-धीरे गठिया यानी आर्थराइटिस की वजह बन जाती हैं। और बुरी बात ये है कि हम इन्हें बीमारी मानते ही नहीं। चलिए जानते हैं वो आदतें जो हमें जोड़ों का मरीज बना सकती हैं।

गठिया का खतरा बढ़ाती हैं ये आदतें - Galat aadatein jo badhati hai gathiya ka risk

घंटों एक ही जगह बैठे रहना

अगर आप ऑफिस या घर में घंटों एक ही जगह बैठे रहते हैं, तो ये जोड़ों के लिए खतरनाक हो सकता है। लगातार एक ही पोजिशन में रहने से शरीर में खून का बहाव धीमा होता है और जोड़ों में सूजन या जकड़न हो सकती है।

हमेशा गलत पॉश्चर में बैठना

झुककर या बेढंग से बैठने की आदत हमारी रीढ़ और घुटनों पर जोर डालती है। लंबे समय तक ऐसा करना जोड़ों को कमजोर करता है और गठिया को बढ़ावा देता है। सही मुद्रा में बैठना भी हेल्दी लाइफस्टाइल का हिस्सा होना चाहिए।

वजन ज्यादा होना

अगर आपका वजन ज्यादा है, तो आपके घुटनों और पैरों के जोड़ पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है। ये दबाव धीरे-धीरे जोड़ को घिसने लगता है और दर्द शुरू हो जाता है, जो आगे चलकर गठिया में बदल सकता है।

बिल्कुल भी एक्सरसाइज न करना

अगर आप शारीरिक रूप से एक्टिव नहीं हैं, तो आपके जोड़ धीरे-धीरे जाम होने लगते हैं। बिना मूवमेंट के मांसपेशियां कमजोर होती हैं, जिससे जोड़ों पर सीधा असर पड़ता है। रोज हल्की वॉक या स्ट्रेचिंग जरूरी है।

नींद पूरी न होना और स्ट्रेस में रहना

अगर आप रोज ठीक से नहीं सोते या हमेशा तनाव में रहते हैं, तो शरीर की सूजन बढ़ती है। ये सूजन जोड़ों को भी नुकसान पहुंचाती है और धीरे-धीरे गठिया का खतरा बढ़ जाता है।

हेल्दी डाइट और पानी की कमी

डाइट में कैल्शियम, विटामिन D और ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी होने से हड्डियां और जोड़ कमजोर हो जाते हैं। साथ ही, कम पानी पीने से जोड़ों का नैचुरल लुब्रिकेशन कम होता है, जिससे दर्द और सूजन हो सकती है।

निष्कर्ष

गठिया सिर्फ बुढ़ापे की बीमारी नहीं है, बल्कि हमारी रोज की गलत आदतों का नतीजा भी हो सकती है। अगर आप भी इन आदतों में से किसी को फॉलो करते हैं, तो समय रहते सतर्क हो जाइए। थोड़े बदलाव आपकी जोड़ों की सेहत को लंबे समय तक बचा सकते हैं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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