Sardiyon mein orthopaedic samasya kyon hoti hai: जैसे ही सर्दियां शुरू होती हैं, बहुत से लोग सबसे पहले जो शिकायत करते हैं, वो है जोड़ों का दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी। खासतौर पर जिन लोगों को पहले से घुटनों, कमर या कंधों की दिक्कत रहती है, उनके लिए ठंड का मौसम और भी मुश्किल हो जाता है। दरअसल, ठंड सिर्फ मौसम नहीं बदलती, बल्कि हमारे शरीर की मांसपेशियों, जोड़ों और हड्डियों पर भी सीधा असर डालती है। यशोदा अस्पताल, हैदराबाद के सीनियर ऑर्थोपेडिक एक्सपर्ट डॉ. कृथी पलाडुगु के अनुसार (स्पॉर्ट्स मेडिसिन) बताते हैं कि सर्दियों में कुछ खास कारणों से ऑर्थोपेडिक समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं, जिन्हें समझना और समय पर संभालना बेहद जरूरी है। आज हम आपको इनके बारे में विस्तार से बताएंगे....
सर्दियों में जोड़ों का दर्द क्यों बढ़ जाता है
डॉ. कृथी की मानें तो ठंड के मौसम में शरीर का तापमान गिरता है, जिसका असर सीधे जोड़ों पर पड़ता है। ठंड के कारण जोड़ों के अंदर मौजूद तरल पदार्थ गाढ़ा हो जाता है, जिससे मूवमेंट में रुकावट आती है। यही वजह है कि सुबह उठते ही घुटनों या उंगलियों में अकड़न महसूस होती है। जिन लोगों को पहले से गठिया या पुरानी चोट की समस्या होती है, उनके लिए यह दर्द और ज्यादा परेशान करने वाला बन जाता है।
कमर और गर्दन की अकड़न की असली वजह
सर्दियों में मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं और लचीलापन कम हो जाता है। ऊपर से लोग ठंड की वजह से कम हिलते-डुलते हैं, ज्यादा देर एक ही पोजिशन में बैठे रहते हैं। इसका सीधा असर कमर और गर्दन पर पड़ता है। धीरे-धीरे दर्द, खिंचाव और जकड़न बढ़ने लगती है, जो कई बार लंबे समय तक बनी रहती है।
कंधे का दर्द और फ्रोजन शोल्डर की परेशानी
ठंड में कंधों की मूवमेंट सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। जिन लोगों को पहले से कंधे में दर्द या फ्रोजन शोल्डर की शिकायत रहती है, सर्दियों में उनकी परेशानी बढ़ जाती है। ठंड के कारण आसपास की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं, जिससे हाथ उठाना या पीछे ले जाना मुश्किल लगने लगता है।
विटामिन डी की कमी और हड्डियों की कमजोरी
सर्दियों में धूप कम मिलती है और लोग बाहर निकलना भी कम कर देते हैं। इससे शरीर में विटामिन डी का स्तर गिरने लगता है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है। लंबे समय तक इसकी कमी रहने पर हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और फ्रैक्चर का खतरा भी बढ़ जाता है, खासकर बुजुर्गों में।
सर्दियों में हड्डी-जोड़ की समस्याओं से कैसे करें बचाव
ठंड से बचाव के लिए शरीर को गर्म रखना सबसे जरूरी है। गर्म कपड़े, मोजे और सही जूते पहनने से जोड़ों पर ठंड का असर कम होता है। इसके साथ ही रोज थोड़ा बहुत चलना, हल्की स्ट्रेचिंग या योग करना जोड़ों को जाम होने से बचाता है। पानी पीना कम न करें, क्योंकि शरीर में पानी की कमी से जोड़ों की चिकनाई भी घटती है। सुबह के समय गुनगुने पानी से नहाना या गर्म सिकाई करना अकड़न में काफी राहत देता है। जरूरत हो तो डॉक्टर की सलाह से कैल्शियम और विटामिन डी भी लिया जा सकता है।
नोट: यह लेख सीनियर ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. कृथी पलाडुगु द्वारा शेयर की गई वैज्ञानिक और चिकित्सकीय जानकारी पर आधारित है।
