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बिहार में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'पुलिस दीदी' तैनात: जानें कहां मिलेगी मदद और कैसे काम करती हैं ये खास टीमें

Police Didi: बिहार में रक्षाबंधन से महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1408 'पुलिस दीदी' टीमें तैनात की गई हैं। यह टीम स्कूल, पार्क और बाजारों में गश्त लगाकर सुरक्षा, जागरूकता और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

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बिहार में पुलिस दीदी तैनात (तस्वीर-X)

Police Didi: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बिहार सरकार ने प्रदेश की महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षा का एक खास तोहफा दिया है। राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से 'पुलिस दीदी' अभियान की शुरुआत की गई है। शुक्रवार को पूरे बिहार में 1408 'पुलिस दीदी' टीमों ने सड़कों पर उतरकर विशेष गश्त और निगरानी का काम संभाल लिया है। इस पहल का मुख्य मकसद महिलाओं के मन से डर को खत्म करना और उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।

भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों पर रहेगी पैनी नजर

पुलिस दीदी की यह विशेष टीमें अपने-अपने थाना क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहेंगी। ये टीमें खासतौर पर उन जगहों पर पैनी नजर रखेंगी जहां लड़कियों और महिलाओं की आवाजाही सबसे अधिक होती है।

  • शैक्षणिक संस्थान:- स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर और हॉस्टल के आसपास विशेष पहरा रहेगा, ताकि छात्राएं बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई के लिए आ-जा सकें।
  • सार्वजनिक और मनोरंजन स्थल:- पार्क, मॉल, सिनेमा हॉल, बाजार, हाट और मेलों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस दीदी की टीमें मुस्तैद रहेंगी।

इन सभी संवेदनशील स्थानों पर नियमित रूप से पेट्रोलिंग की जाएगी ताकि किसी भी अवांछित तत्व या मनचले को गड़बड़ी करने का मौका न मिले।

महिला अधिकारों और आपातकालीन सेवाओं के प्रति करेंगी जागरूक

'पुलिस दीदी' की जिम्मेदारी केवल गश्त लगाने तक ही सीमित नहीं होगी, बल्कि वे महिलाओं के साथ सीधा संवाद भी स्थापित करेंगी। ये टीमें महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों, आत्मरक्षा के उपायों और उपलब्ध पुलिस सहायता के बारे में जानकारी देंगी। इसके साथ ही इमरजेंसी परिस्थिति में इस्तेमाल होने वाले हेल्पलाइन नंबरों और त्वरित सेवाओं के प्रति उन्हें जागरूक किया जाएगा, जिससे जरूरत पड़ने पर वे बिना झिझक तुरंत पुलिस से संपर्क कर सकें।

छेड़खानी और उत्पीड़न पर होगी तुरंत सख्त कार्रवाई

सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ होने वाली छेड़खानी, पीछा करने, मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न और अन्य किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस दीदी की टीमें पूरी तरह तैयार हैं। अगर किसी महिला के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है या इस संबंध में कोई सूचना मिलती है, तो ये टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर कानून के मुताबिक सख्त और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी। सरकार का यह कदम राज्य में महिला सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी बदलाव लाने वाला साबित होगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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