बता दें एमबीए फाइनेंस उन छात्रों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है, जिन्हें गणित, आंकड़ों, बजट और निवेश से जुड़े विषयों में रुचि है।
इस कोर्स में छात्रों को फाइनेंशियल मैनेजमेंट, अकाउंटिंग, निवेश, बैंकिंग, टैक्सेशन, रिस्क मैनेजमेंट और कॉर्पोरेट फाइनेंस जैसे विषयों की जानकारी दी जाती है।
वहीं एमबीए मार्केटिंग उन छात्रों के लिए बेहतर माना जा सकता है, जिन्हें लोगों से बातचीत करना, नए आइडिया बनाना, ब्रांड तैयार करना और किसी प्रोडक्ट या सर्विस को लोगों तक पहुंचाने में रुचि है।
एमबीए फाइनेंस करने के बाद बैंक, इंश्योरेंस कंपनियों, निवेश फर्मों और बड़ी कंपनियों के फाइनेंस विभाग में नौकरी का रास्ता खुल जाता है।
यहां आपको फाइनेंशियल एनालिस्ट, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग प्रोफेशनल, फाइनेंस मैनेजर और रिस्क मैनेजर जैसे पदों पर काम करने का अवसर मिल सकता है।
एमबीए मार्केटिंग के स्पेशलाइजेशन में रिसर्च, ब्रांड मैनेजमेंट, सेल्स, एडवरटाइजिंग, कंज्यूमर बिहेवियर और डिजिटल मार्केटिंग जैसे विषयों पर फोकस किया जाता है।
इस कोर्स को करने के बाद आपको ब्रांड मैनेजर, मार्केटिंग मैनेजर, सेल्स मैनेजर, डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर और बिजनेस डेवलपमेंट से जुड़े पदों पर काम करने का मौका मिल सकता है।