Symptoms Not To Ignore For A Healthy Heart: जब दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाने वाले कारकों की बात की जाती है, तो इसमें नसों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ना या हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति को सबसे आगे रखा जाता है। यह हार्ट अटैक, फेलियर और स्ट्रोक आदि के लिए जिम्मेदार प्रमुख कारकों में से एक है। क्योंकि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की वजह से खून की नलियों में ब्लॉकेज होने लगते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और रक्त का संचार ठीक से नहीं हो पाता है। वैसे तो लिपिड प्रोफाइल टेस्ट की मदद से रक्त में कोलेस्ट्रॉल की जांच आसानी से की जा सकती है, लेकिन बहुत कम लोग ही ऐसा करते हैं। आमतौर पर लोग टेस्ट जब तक नहीं करवाते हैं, जब तक कि उनकी स्थिति गंभीर नहीं हो जाती है। अच्छी बात है यह कि जब हमारे शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत अधिक हो जाती है, तो इसके कई संकेत और लक्षण देखने को मिलते हैं। अगर आप अपने दिल को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो आपको इन संकेतों को भूलकर भी अनदेखा नहीं करना चाहिए।
कोलेस्ट्रॉल हाई होने के लक्षण - Symptoms Of High Cholesterol In Hindi
1. सांस फूलना
सांस फूलने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन इसका एक मतलब यह भी है कि हार्ट को ऑक्सीजन से भरपूर खून नहीं मिल पा रहा है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की वजह से नसों में जो प्लाक जमा हो जाता है, इसकी वह से भी ऐसा हो सकता है। ये स्थिति होने पर कार्डियोवैस्कुलर दिक्कतें हो सकती हैं। अगर बिना किसी भारी काम को किए अक्सर आपकी सांस फूलती रहती है तो हो सकता है कि आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल हाई हो।
2. मतली
मतली आने के भी कई कारण हो सकते हैं, लेकिन जब हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से दिल तक खून पहुंचने में दिक्कत होती हो तब मतली जैसी समस्या भी हो सकती है। अगर मतली लगातार बनी रहती है तो हो डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। सीने में बायीं तरफ दर्द के साथ अगर सांस की तकलीफ और मतली भी महसूस हो तो ये हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकता है।
3. ठंडे पैर और पैरों का सुन्न होना
ठंडे पैरों का मतलब ये है कि पैरों तक रक्त का संचार अच्छी तरह नहीं हो रहा है। ये भी हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण हो सकता है। खून की नसों में जमा हुए प्लाक की वजह से खून का बहाव प्रभावित होता है, जिससे पैरों तक ठीक से खून पहुंचने में दिक्कत हो सकती है। कम ब्लड फ्लो की वजह से पैर ठंडे और सुन्न हो जाते हैं।
4. पैरों के छालों का जल्दी ठीक न होना
पैरों में पड़े छालों का ठीक न होना हाई कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी समस्याओं की तरफ इशारा करता है। ये भी खून के बहाव के प्रभावित होने की वजह से होता है। धमनियों में जमा प्लाक ब्लड फ्लो को बाधित करता है, जिससे हमारा शरीर घाव वाली जगह को जल्दी भर नहीं पाता। अगर आपके पैरों में भी अक्सर छले पड़ जाते हैं और वो ठीक नहीं होते तो एक बार किसी चिकिस्तक से राय जरूर लेनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
