Crime Against Women: नीचे दी जा रही मशहूर लेखक तसलीमा नसरीन की कविता की पंक्तियां महिलाओं के लिए समाज का बनाया गया 'दायरा' बताती हैं। अपनी इन्हीं पंक्तियों में तसलीमा उन्हें हिदायत भी देती हैं कि पीछे मुड़कर मत देखो, उनके दायरे को मानना बेमानी है, तुम्हें आगे बढ़ते जाना है।
तुम लड़की हो,
यह अच्छी तरह याद रखना
तुम जब घर की चौखट लांघोगी
लोग तुम्हें टेढ़ी नज़रों से देखेंगे।
तुम जब गली से होकर चलती रहोगी
लोग तुम्हारा पीछा करेंगे, सीटी बजाएंगे।
तुम जब गली पार कर मुख्य सड़क पर पहुंचोगी
लोग तुम्हें बदचलन कहकर गालियां देंगे।
तुम हो जाओगी बेमानी
अगर पीछे लौटोगी
वरना जैसे जा रही हो
जाओ। - तसलीमा
जैसी कि तसलीमा भी अपनी इन मशहूर पंक्तियों में कहती हैं - 'लोग तुम्हारा पीछा करेंगे, सीटी बजाएंगे...' अगर बस या किसी सार्वजनिक वाहन में सफर के दौरान कुछ गलत हो तो फिर पीड़ित लड़की या महिला को क्या करना चाहिए? चलिए आज इसी प्रश्न का उत्तर खोजते हैं -
बस, मेट्रो, शेयर ऑटो आदि सार्वजनिक वाहनों में सफर के दौरान अगर कोई गलत हरकत हो तो महिलाएं या लड़कियां क्या कर सकती हैं? इस प्रश्न को लेकर हमने साल 2004 से सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रहीं और 2011-2018 तक CWC मेंबर रहीं रितु से बात की। रितु ने बताया कि ऐसी स्थिति से निपटने के लिए हमें अपने अधिकार पता होने चाहिए। इसके लिए सबसे जरूरी है कि हम अपने घरों में सबसे पहले लड़कियों और महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में बताएं। इस बारे में हमने वरिष्ठ वकील नीलम नारंग से भी बात की। बता दें कि एडवोकेट नीलम नारंग को आपराधिक मुकदमों और महिलाओं से जुड़े मामलों में 30 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। वह दिल्ली कमिशन फॉर वुमेन (DCW) में रेप क्राइसिस सेल की हेड भी रह चुकी हैं।
हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें
रितु का कहना है कि ऐसी स्थिति में फंस जाएं तो सबसे पहले आपके पास डायल 112 सर्विस है। स्थिति असहज होने पर पुलिस को 112 पर शिकायत करें। एडवोकेट नीलम नारंग कहती हैं, आप 112 के साथ ही Women Helpline नंबर 1091 पर भी शिकायत कर सकती हैं। इन नंबरों को स्पीड डायल में रखें और तुरंत सूचना दें।
महिलाएं अपने पास रखें ये हेल्पलाइन नंबर
चुपचाप अत्याचार न सहें, बल्कि शोर मचाएं
रितु कहती हैं कि सार्वजनिक स्थल पर किसी भी तरह के गलत व्यवहार या यौन अत्याचार को चुपचाप सहने की बजाय शोर मेचाएं, इससे लोग आपकी मदद को आ सकते हैं और अपराधी भी डर जाएगा। अगर बस में सफर कर रहीं हैं तो तुरंत ड्राइवर या कंडक्टर से शिकायत कर सकती हैं। इसके अलावा आजकल बसों में मार्शल भी होते हैं, उनसे मदद लेकर अपनी रक्षा कर सकती हैं। वरिष्ठ वकील नीलम नारंग का भी यही कहना है कि किसी भी अनुचित हरकत पर तुरंत तेज आवाज में विरोध करें, ताकि सह-यात्री और आसपास के लोग सतर्क हो जाएं।
घर वालों को लाइव लोकेशन भेजें, पेपर स्प्रे रखें
वरिष्ठ वकील नीलम नारंग का कहना है कि सार्वजनिक वाहनों में सफर के दौरान हमेशा अपने घर वालों या किसी ऐसे व्यक्ति को जिस पर आपको भरोसा हो उसे अपनी Live Location/Share Location भेजें और फोन पर भी बने रह सकती हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक वाहनों में अकेले सफर करते समय Pepper Spray जैसे सेफ्टी टूल अपने बैग में रखें और इमरजेंसी में उसका इस्तेमाल करना सीखें। इसके अलावा वह कहती हैं कि ऐसी बस में कतई सफर न करें, जिसमें कोई अन्य यात्री न हों। हाल ही में ग्रेटर नोएडा में परी चौक से दिल्ली में कश्मीर गेट के बीच एक खाली बस में सफर करने के दौरान नाबालिग के साथ गैंगरेप की घटना हो चुकी है।
अकेली हैं तो किसी परिचित को अपनी लोकेशन भेज दें
लोग क्या सोचेंगे ये आप न सोचें
वरिष्ठ वकील नीलम नारंग कहती हैं कि ऐसी किसी भी घटना की रिपोर्ट करने में देरी न करें। समाजिक कार्यकर्ता रितु कहती हैं, बहुत सी लड़कियां और महिलाएं सिर्फ समाज के डर से अत्याचार सहती रहती हैं। उन्हें लगता है कि अपने साथ यौन अपराध के खिलाफ आवाज उठाएंगी तो समाज उन्हें ही गलत समझेगा, उनके बारे में तरह-तरह की बातें करेंगा। रितु कहती हैं, इन सब बातों को कतई न सोचें। गलत हरकत पर शोर मचाएं और बिना किसी हिचक के लोगों से मदद मांगें।
मोबाइल से नजर उठाकर आसपास के माहौल को देखें
रितु ने लड़कियों को हिदायत दी है कि बस, मेट्रो और किसी भी अन्य सार्वजनिक वाहन या सार्वजनिक जगहों पर लड़कियों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। मोबाइल आपकी सुविधा के लिए है, लेकिन अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने की बजाय मोबाइल पर ही नजरें गड़ाए रहने से आपकी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। आसपास की चीजों, लोगों की हरकतों पर नजर रखें। लड़कियां किसी अनहोनी या गलत हरकत को भांप लेती हैं, लेकिन मोबाइल में बिजी रहने के दौरान उनकी यह सिक्स्थ सेंस और उनकी सुरक्षा भी कमजोर पड़ सकती है।
