हेल्थ

चिप्स और कोल्ड ड्रिंक की लत तंबाकू जितनी खतरनाक? स्टडी ने किया चौंकाने वाला खुलासा

Chips and Soft Drinks Addiction: सिगरेट, शराब, तंबाकू आदि की लत के बारे में तो आपने जरूर सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कोल्ड ड्रिंक और चिप्स की लत भी इतनी ही खतरनाक होती है। जी हां इसके लिए हाल ही में आई एक स्टडी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। आइए जानते हैं इसके बारे में...

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जंक फूड की आदत बन रहा नशा!

Chips and Soft Drinks Addiction: आज की तेजी से बदलती लाइफस्टाइल में फास्ट फूड और पैकेज्ड ड्रिंक हमारी रोजमर्रा की आदत बन चुकी है। चिप्स, कुकीज, कोल्ड ड्रिंक्स और अन्य अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन इतना आम हो गया है कि लोग उन्हें आज डाइट का हिस्सा मानने लगे हैं। लेकिन एक नई रिसर्च ने इस सोच को झकझोरते हुए बताया है कि इन चीजों की लत तंबाकू की लत जैसी खतरनाक हो सकती है। जी हां हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन और ड्यूक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस शोध में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

कैसे लगती है लत?

शोधकर्ताओं की मानें तो फूड कंपनियां ऐसे उत्पाद डिजाइन करती हैं जो हमारे दिमाग के रिवार्ड सिस्टम को सक्रिय कर देते हैं। यह ठीक वैसे ही है जैसे सिगरेट में मौजूद नशा हमारे दिमाग पर असर करता है। जब हमारी दिमाग को किसी चीज का तीव्र स्वाद और तृप्ति मिलती है, तो हम बार-बार वही चीज खाने चाहते हैं, जिससे लत जैसी लगने लगती है।

यानी ये प्रोसेस्ड फूड्स सिर्फ स्वाद के लिए नहीं होते हैं, बल्कि इनमें जानबूझकर ऐसे तत्व शामिल किए जाते हैं, जो हमारी भूख और मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया को बदल देते हैं। यही कारण है कि हम एक पैकेट चिप्स खत्म करके तुरंत दूसरा लेने लगते हैं। यह बिल्कुल वैसे ही जैसे सिगरेट पीने वाला इंसान एक सेवन के बाद दोबारा पीने की इच्छा महसूस करता है।

सेहत पर बुरा असर

शराब और सिगरेट जैसे हमारी सेहत पर अपना बुरा असर डालती हैं, ये आपने जरूर सुना होगा। वैसे ही पैकेज्ड फूड्स जैसे चिप्स और कोल्ड ड्रिंक का ज्यादा सेवन भी हमारे लिए कई तरह की गंभीर समस्याओं की वजह बन सकता है। इससे ओबीसिटी, हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और यहां तक कि मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे भी शामिल हैं। कई रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है कि प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन बॉडी में इंफ्लेमेशन को बढ़ाता है, जिससे लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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