Ramadan Fasting and Diabetes: रमजान का पाक महीना खुद पर काबू, सब्र और रूहानी ताजगी का दौर होता है। दिनभर रोजा रखना जहां आत्मिक सुकून देता है, वहीं कुछ लोगों के लिए यह सेहत से जुड़ा संवेदनशील विषय भी बन जाता है। डायबिटीज में रोजा रखें या नहीं यह सवाल अक्सर सुनने को मिलता है। दरअसल इसका जवाब एक जैसा नहीं है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, डायबिटीज के कई मरीज सही प्लानिंग और मेडिकल गाइडेंस के साथ रोजा रख सकते हैं। लेकिन यह फैसला व्यक्ति की उम्र, शुगर कंट्रोल की स्थिति, दवाओं या इंसुलिन की मात्रा और अन्य जटिलताओं पर निर्भर करता है। आइए विस्तार से जानते हैं रमजान के दौरान डायबिटीज के मरीज कैसे रखें रोजा?
रोजा और डायबिटीज का संबंध
लंबे समय तक बिना खाए-पिए रहने से ब्लड शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव हो सकता है। बहुत देर तक भोजन न लेने से शुगर लेवल अचानक गिर (हाइपोग्लाइसीमिया) सकता है। इसके लक्षण हैं चक्कर आना, पसीना, कमजोरी, धुंधला दिखना। इसके साथ ही इफ्तार में ज्यादा मीठा और तला-भुना खाने से शुगर तेजी से बढ़ (हाइपरग्लाइसीमिया) सकती है। वहीं इस दौरान दिन भर पानी न पीने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे किडनी और दिल पर असर पड़ सकता है।
सहरी में क्या खाएं?
- हाई फाइबर फूड जैसे ओट्स, दलिया, मल्टीग्रेन रोटी
- प्रोटीन फूड्स जैसे अंडा, दही, पनीर।
- फल (कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले जैसे सेब, नाशपाती)
- भरपूर पानी पिएं
- सेहरी में ज्यादा मीठा या बहुत नमकीन भोजन लेने से बचें।
इफ्तार में कैसे रखें सेहत का ध्यान?
- रोजा खजूर से खोलें, लेकिन मात्रा सीमित रखें।
- पहले पानी और हल्का सूप लें।
- तले-भुने पकौड़े, समोसे और मीठे पेय से दूरी बनाएं।
- संतुलित प्लेट जिसमें सलाद, दाल, सब्जी और नियंत्रित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट हो उसे लें।
डायबिटीज के मरीज नोट करें कि यदि आपका ब्लड शुगर 70 mg/dL से नीचे या 300 mg/dL से ऊपर पहुंच जाए, तो तुरंत रोजा तोड़ देना चाहिए। इसके अलावा, तेज चक्कर, उलझन, धड़कन तेज होना या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो रोजा खोलने में देरी न करें। क्योंकि सेहत ठीक रहने पर ही आप किसी तरह की धार्मिक मान्यताओं का पालन कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
