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क्या अंडे खाने से होता है कैंसर? FSSAI ने वायरल सोशल मीडिया दावों को बताया गलत

  • Authored by: Vineet
  • Updated Dec 22, 2025, 12:28 PM IST

Kya ande khane se cancer hota hai: क्या अंडे खाने से कैंसर का खतरा होता है? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन दावों पर अब FSSAI ने साफ जवाब दिया है। फूड सेफ्टी अथॉरिटी के मुताबिक अंडों को लेकर फैल रही बातें भ्रामक हैं और वैज्ञानिक आधार पर गलत साबित हो चुकी हैं। जानिए अंडे, सेहत और कैंसर से जुड़ी पूरी सच्चाई आसान भाषा में।

क्या सच में अंडे खाने से कैंसर होता है

क्या सच में अंडे खाने से कैंसर होता है (PC - AI)

Kya ande khane se cancer hota hai: आजकल सोशल मीडिया पर सेहत से जुड़ी अधूरी और भ्रामक जानकारियां तेजी से फैल रही हैं। कभी कहा जा रहा है कि रोज अंडा खाने से शरीर में खतरनाक केमिकल जमा हो जाते हैं, तो कभी यह दावा किया जा रहा है कि अंडे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकते हैं। ऐसे पोस्ट और वीडियो लोगों के मन में डर पैदा कर रहे हैं, खासकर उन लोगों में जो रोजाना अंडे खाते हैं। इन वायरल दावों पर अब फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने चुप्पी तोड़ी है, और सभी भ्रमों को तोड़ा है। चलिए जानते हैं FSSAI का इस पर क्या कहना है।

क्या सच में अंडे खाने से कैंसर होता है?

हाल ही में सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से वायरल हुआ कि अंडे खाने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इन पोस्ट्स में बिना किसी ठोस सबूत के अंडों को 'कैंसर बढ़ाने वाला फूड' बताया गया। इस पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने साफ कहा कि अंडों और कैंसर के बीच ऐसा कोई वैज्ञानिक संबंध साबित नहीं हुआ है। यानी यह दावा पूरी तरह भ्रामक है।

FSSAI ने वायरल दावों पर क्या कहा?

FSSAI ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया पर अंडों को लेकर जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे गलत और वैज्ञानिक तथ्यों से परे हैं। अथॉरिटी के मुताबिक, अंडे एक सुरक्षित और पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ हैं। इन्हें संतुलित मात्रा में खाने से सेहत को नुकसान नहीं बल्कि फायदा होता है। बिना रिसर्च और सबूत के फैलाए गए ऐसे मैसेज लोगों में बेवजह डर पैदा करते हैं।

अंडे क्यों माने जाते हैं पोषण का पावरहाउस?

अंडे को अक्सर कम्प्लीट फूड कहा जाता है क्योंकि इसमें हाई क्वालिटी प्रोटीन, विटामिन B12, विटामिन D, आयरन और जरूरी अमीनो एसिड्स पाए जाते हैं। FSSAI के अनुसार, अंडे शरीर की मांसपेशियों, दिमाग और इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद होते हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और रिकवरी के दौर से गुजर रहे लोगों के लिए अंडे एक अच्छा विकल्प हैं।

सोशल मीडिया हेल्थ मिथ्स से क्यों रहें सावधान?

आज के दौर में कोई भी बिना एक्सपर्ट राय के कुछ भी पोस्ट कर देता है, और वही बात सच मान ली जाती है। FSSAI ने लोगों को सलाह दी है कि सोशल मीडिया पर वायरल हेल्थ दावों पर आंख बंद करके भरोसा न करें। सेहत से जुड़ी जानकारी हमेशा भरोसेमंद और वैज्ञानिक स्रोत से ही लेनी चाहिए, वरना गलत जानकारी नुकसान पहुंचा सकती है।

संतुलित डाइट में अंडों की क्या भूमिका है?

FSSAI का कहना है कि अंडों को संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर खाया जाए तो यह पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी एक फूड को लेकर डर फैलाना सही नहीं है। सही मात्रा, सही तरीके से पका हुआ भोजन और संतुलित लाइफस्टाइल ही अच्छी सेहत की असली कुंजी है।

अंडों से डरने की जरूरत नहीं

FSSAI की मानें तो अंडों को लेकर कैंसर का डर बेबुनियाद है। यह सिर्फ एक सोशल मीडिया मिथ है, जिसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं। इसलिए अगली बार जब ऐसा कोई मैसेज दिखे, तो डरने के बजाय तथ्यों को समझें और सोच-समझकर ही किसी नतीजे पर पहुंचें।

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विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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