Breathing Exercise Benefits: ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने से न सिर्फ आप शारीरिक रूप से मजबूत होते हैं, बल्कि यह मानसिक रूप से भी आपको मजबूत कर सकता है। इस एक्सरसाइज का अभ्यास करने से भावनात्मक और आध्यात्मिक लाभ भी होते हैं। ब्रीदिंग एक्सरसाइज तनाव को कम करने से लेकर ब्लड शुगर और हाई ब्लड प्रेशर जैसी परेशानियों को भी दूर कर सकता है। इसके अलावा ब्रीदिंग एक्सरसाइज से कई स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं। आइए जानते हैं इसके लाभ-
ब्लड शुगर करें कंट्रोल
ब्रीदिंग एक्सरसाइज की मदद से आप अपने शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल कर सकते हैं। यह इंसुलिन के स्तर को भी प्रभावी ढंग से कंट्रोल करता है। अगर आप डायबिटीज की परेशानियों को दूर करना चाहते हैं तो रोजाना ब्रीदिंग एक्सरसाइज का अभ्यास करें।
तनाव और चिंता करें कम
ब्रीदिंग एक्सरसाइज हमारे शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर कर सकता है। इससे हमारे दिमाग को शांति मिलती है। अगर आप रोजाना इस एक्सरसाइज का अभ्यास करते हैं, तो इससे काफी हद तक तनाव और चिंता को कम करने में मदद मिलती है।
नींद की गुणवत्ता में सुधार
ब्रीदिंग एक्सरसाइज दिमाग को शांत करती हैं। इससे तनाव और चिंता से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है, जिससे आपकी नींद की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।
हाई ब्लड प्रेशर करे कम
ब्रीदिंग एक्सरसाइज की मदद से हाई ब्लड प्रेशर की परेशानियों को दूर करने में मदद मिलती है। इसलिए कई एक्सपर्ट को आपने देखा होगा कि वह गुस्सा या फिर ब्लड प्रेशर बढ़ने पर गहरी सांस लेने की सलाह देते हैं।
हृदय स्वास्थ्य में सुधार
ब्रीदिंग एक्सरसाइज का नियमित रूप से अभ्यास करने से रक्तचाप के स्तर को बनाए रखने में मदद मिलती है और हाई ब्लड प्रेशर से ग्रसित रोगियों की स्थिति में सुधार लाया जा सकता है, जो स्ट्रोक और हार्ट डिजीज के खतरों को कम कर सकती है।
फेफड़ों के लिए फायदेमंद
ब्रीदिंग एक्सरसाइज हमारे फेफड़ों की कार्यप्रणाली में सुधार ला सकती है। नियमित रूप से इस एक्सरसाइज के अभ्यास से आप अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, सीओपीडी आदि जैसे पुराने फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों को दूर कर सकते हैं।
ब्रीदिंग एक्सरसाइज कितनी देर रोज करना देगा लाभ
ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने के दौरान लंबी सांस ले और कम से कम 8 से 10 तक की गिनती गिनने के बाद छोड़ें। इस प्रक्रिया को रोजाना 10 मिनट तक दोहराएं। इससे आपको काफी लाभ मिलेगा।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
